नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई तेज हो गई है। सेंटकॉम ने दावा किया है कि नाकाबंदी के बाद दो वाणिज्यिक जहाजों को रोककर उनका रास्ता बदल दिया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”ईरानी बंदरगाहों के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी दोबारा शुरू किए जाने के बाद पिछले 17 घंटों में अमेरिकी बलों ने नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे दो वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदल दिया है। अमेरिकी सेना स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित करने के लिए तैयार है।”
ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान पर जारी इन हमलों का मकसद होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा और स्वतंत्रता है। अमेरिका इन हमलों से ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को खत्म कर रहा है, जिनका इस्तेमाल वह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर करता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ”बुधवार सुबह छह बजे (ईस्टर्न टाइम) से अमेरिकी सेंट्रल कमांड की सेना ने ईरान के खिलाफ कई हवाई हमले शुरू किए हैं। इन हमलों का मकसद ईरानी सेना की उन सैन्य क्षमताओं को और कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल उसने होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के लिए किया है।”
अमेरिकी कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिसके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और नागरिक चालक दल के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ये हमले उसी दिन हुए जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ अपनी नाकाबंदी फिर से शुरू की। यह नाकाबंदी अमेरिकी समयानुसार शाम 4 बजे लागू हुई।
अमेरिकी कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना की यह हालिया कार्रवाई कमर्शियल जहाजों और पड़ोसी खाड़ी देशों पर ईरान के कई हमलों के जवाब में की गई है।
कूपर ने कहा कि पिछले सात दिनों में, ईरान ने इस इलाके में जान-बूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाते हुए सात कमर्शियल जहाजों पर हमले किए हैं, जिनमें लगभग 12 नागरिक क्रू मेंबर मारे गए, लापता हुए या घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन भी दागे हैं।
–आईएएनएस
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