नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। भारत की ओर से फिलिस्तीनी जनता के लिए तीन प्रमुख विकास परियोजनाएं स्थापित करने की घोषणा का फिलिस्तीन ने स्वागत किया है। भारत स्थित फिलिस्तीनी दूतावास ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की घोषणा के हवाले से कहा कि यह पहल दोनों देशों के बीच सहयोग और मानवीय साझेदारी को मजबूत करने वाला कदम है।
फिलिस्तीनी दूतावास के बयान के अनुसार, भारत फिलिस्तीन में एक विशेषज्ञ अस्पताल, एक कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण एवं फिटमेंट केंद्र और एक व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करेगा। यह घोषणा भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (2028-2029) में अस्थायी सदस्यता के लिए अभियान शुरू किए जाने के दौरान की गई। दूतावास ने बताया कि यह प्रतिबद्धता ब्रसेल्स में आयोजित फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक के दौरान भारत द्वारा जताई गई थी।
दूतावास ने कहा कि यह सहायता ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब गाजा पट्टी में गंभीर मानवीय संकट जारी है। बयान में दावा किया गया कि गाजा की स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है, कई अस्पताल और चिकित्सा सुविधाएं नष्ट हो गई हैं या काम करने की स्थिति में नहीं हैं। इसके अलावा, बड़ी संख्या में लोग चिकित्सा सुविधाओं, दवाओं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी का सामना कर रहे हैं।
बयान के अनुसार, भारत द्वारा विशेषज्ञ अस्पताल और कृत्रिम अंग फिटमेंट केंद्र की स्थापना से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और युद्ध से प्रभावित लोगों के पुनर्वास में मदद मिलेगी। वहीं, व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान फिलिस्तीनी युवाओं को आवश्यक कौशल उपलब्ध कराकर उनके भविष्य और अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण में योगदान देगा।
फिलिस्तीन ने भारत की लंबे समय से चली आ रही नीतिगत प्रतिबद्धताओं का भी स्वागत किया, जिसमें दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन शामिल है, जिसके तहत स्वतंत्र फिलिस्तीन और इजरायल शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के साथ रह सकें। इसके अलावा, फिलिस्तीन को संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता दिलाने के प्रयासों और फिलिस्तीनी लोगों के साथ मानवीय एवं विकास साझेदारी जारी रखने के भारत के रुख की सराहना की गई।
बयान में फिलिस्तीन ने भारत सरकार और भारतीय जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच मित्रता, मानवीय सहयोग, शांति, न्याय, अंतरराष्ट्रीय कानून और दो-राष्ट्र समाधान के प्रति प्रतिबद्धता लंबे समय से कायम है।
–आईएएनएस
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