भारत की मानवीय पहल: पाकिस्तान से लौट रहे अफगान शरणार्थियों के पुनर्वास के ल‍िए सौंपे फैमिली टेंट


नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस)। भारत ने अफगानिस्तान के लोगों की ओर मदद का हाथ बढ़ाते हुए मानवीय सहायता के तहत अफगानिस्तान सरकार को परिवारों के लिए टेंट सौंपे हैं, ताकि अपने देश लौट रहे लोगों को रहने की सुविधा मिल सके और उनके पुनर्वास में मदद हो।

एमईए ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, “अफगानिस्तान के लोगों के लिए भारत की लगातार मानवीय मदद के तहत, भारत ने अफगानिस्तान के शरणार्थी और पुनर्वास मंत्रालय (एमओआरआर) को परिवारों के रहने के लिए टेंट सौंपे हैं। इसका मकसद अफगानिस्तान लौट रहे लोगों को रहने की जगह और दोबारा बसने में मदद देना है।”

इस समय अफगानिस्तान में बड़ी संख्या में लोग लौट रहे हैं, खासकर पाकिस्तान से। पाकिस्तान ने वहां रह रहे शरणार्थियों और बिना वैध दस्तावेज वाले प्रवासियों को वापस भेजने की कार्रवाई तेज कर दी है।

रिपोर्टों के मुताबिक, जिन अफगानों के पास वैध वीजा नहीं था, उन्हें दस जुलाई तक स्वेच्छा से देश छोड़ने का समय दिया गया था। यह समयसीमा खत्म होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

अमू टीवी ने बताया क‍ि तालिबान की ‘हाई कमीशन फॉर एड्रेसिंग रिटर्नीज इश्यूज’ के सचिवालय के अनुसार, पिछले सप्ताहांत सिर्फ 24 घंटों के भीतर 4,000 से ज्यादा अफगानों को पाकिस्तान से वापस भेज दिया गया।

पाकिस्तान के अखबार डॉन की र‍िपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के लांडी कोटल स्थित हमजा बाबा ट्रांजिट पॉइंट के आंकड़ों से पता चलता है कि हाल के दिनों में अफगान शरणार्थियों की वापसी में काफी बढ़ोतरी हुई है। वहां के अधिकारियों के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से सभी अफगान नागरिकों को वापस लौटने का आदेश देने के बाद रोजाना लौटने वालों की संख्या 10,000 से भी ज्यादा हो गई है।

पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के प्रवक्ता कैसर खान अफरीदी ने डॉन से बातचीत में पाकिस्तान सरकार के अफगान शरणार्थियों और शरण मांगने वालों को ‘जबरन’ वापस भेजने के फैसले पर चिंता जताई।

उन्होंने कहा, “यूएनएचसीआर को खास तौर पर उन महिलाओं और लड़कियों की चिंता है जिन्हें ऐसे देश में लौटने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जहां उनके मानवाधिकार खतरे में हैं। इसके अलावा कुछ और समूह भी हैं जिन्हें वापस लौटने पर जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।”

उन्होंने पाकिस्तान की सरकार से अपील की कि अफगानों की वापसी उनकी अपनी इच्छा से हो, सुरक्षित हो और सम्मानजनक तरीके से कराई जाए।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी


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