लोकतंत्र और संविधान को कमजोर कर रही है भाजपा, महिला कांग्रेस उठाएगी जनहित के मुद्दे : अलका लांबा


हैदराबाद, 5 जुलाई (आईएएनएस)। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचा रही है। साथ ही उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, महिला आरक्षण कानून और संसद के आगामी मानसून सत्र को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा।

हैदराबाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अलका लांबा ने कहा, “कांग्रेस भाजपा सरकार को लोकतंत्र और संविधान के लिए खतरा मानती है। पहले वोटों में गड़बड़ी के आरोप लगते थे, और अब निर्वाचित प्रतिनिधियों को तोड़कर राजनीतिक दलों की सीटों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। भाजपा विधायकों और सांसदों की खरीद-फरोख्त कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर कर रही है। विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों को तोड़ने का प्रयास लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है। सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए झूठे मुकदमों का भी सहारा ले रही है।”

अलका लांबा ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जैसे दलों को राजनीतिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, सरकार नैतिक आधार खो चुकी है और सत्ता बचाने के लिए विभिन्न तरीके अपना रही है।

महिला कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार पर उन्होंने कहा कि तेलंगाना में संगठन तेजी से मजबूत हुआ है। उन्होंने बताया कि पिछले तीन महीनों में राज्य के 19 जिलों में संगठनात्मक गतिविधियां बढ़ाई गई हैं और सदस्यता अभियान को अच्छा समर्थन मिला है।

उन्होंने कहा, “तेलंगाना महिला कांग्रेस सदस्यता अभियान में देश में पहले स्थान पर है। अब तक 1.16 लाख से अधिक महिलाओं ने सदस्यता ली है। जल्द ही राज्य महिला कार्यकारिणी और नए जिला अध्यक्षों की घोषणा भी की जाएगी।”

आगामी संसद के मानसून सत्र को लेकर अलका लांबा ने कहा कि महिला कांग्रेस ‘चलो संसद’ अभियान के तहत देशभर की महिलाओं के साथ दिल्ली में प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की मांग प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण कानून लागू करने में देरी कर रही है। इसके अलावा उन्होंने नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं, बेरोजगारी और महंगाई को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि इन मामलों पर सरकार जवाबदेह नहीं बन रही है।

अलका लांबा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि संसद में दिए गए बयानों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी संसद के भीतर और महिला कांग्रेस सड़क पर जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून सत्र के दौरान महिला कांग्रेस केंद्र सरकार के खिलाफ अपने आंदोलन को और तेज करेगी।

–आईएएनएस

एससीएच


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