पाकिस्तान का कराची मॉल अग्निकांड: 72 मौतों के मामले में 11 साल के बच्चे पर चलेगा मुकदमा


कराची, 5 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान के कराची स्थित गुल प्लाजा शॉपिंग सेंटर में 17 जनवरी को लगी भीषण आग मामले में 11 वर्षीय एक बच्चे के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलाया जाएगा। इस भीषण अग्निकांड में 72 लोगों की मौत हो गई थी, 8 लोग झुलस गए थे और 1,153 दुकानें जलकर खाक हो गई थीं।

प्रमुख पाकिस्तानी दैनिक द डॉन के अनुसार, शनिवार को जांच अधिकारी (आईओ) ने जिला अभियोजक अब्दुल रज्जाक गुज्जर के माध्यम से अदालत में चार्जशीट दाखिल की। हालांकि एक दिन पहले अभियोजन पक्ष ने चार्जशीट में कुछ खामियां बताते हुए उसे वापस कर दिया था, लेकिन बाद में न्यायिक आयोग की रिपोर्ट बाद में पेश करने की अनुमति देते हुए इसे दाखिल करने की मंजूरी दे दी गई।

चार्जशीट में छह लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें 11 वर्षीय हुजैफा, उसके पिता और कृत्रिम फूलों की दुकान के मालिक नईमतुल्लाह, तथा गुल प्लाजा मैनेजमेंट कमेटी के सदस्य तनवीर पास्ता, अमर इस्माइल, मोहम्मद रमजान और मोहम्मद अमीन शामिल हैं। जांच एजेंसी ने सभी आरोपियों को फरार बताया है।

चार्जशीट के अनुसार, 13 वर्षीय गवाह आर्यन ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया कि घटना के समय वह अपने दोस्त हुजैफा की दुकान पर मौजूद था। उसके मुताबिक, हुजैफा माचिस की तीलियों से खेल रहा था, तभी दुकान में अचानक आग लग गई।

दो अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने भी बयान दिया कि नईमतुल्लाह अक्सर अपनी दुकान नाबालिग बेटे के भरोसे छोड़ देता था। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से भी पुष्टि हुई कि घटना के समय नईमतुल्लाह दुकान पर मौजूद नहीं था।

जांच में यह भी सामने आया कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। कई निकास द्वार बंद या अवरुद्ध थे, पर्याप्त फायर एक्सटिंग्विशर और अग्निशमन उपकरण नहीं थे, फायर हाइड्रेंट सिस्टम मौजूद नहीं था और बिजली गुल होने की स्थिति में इमरजेंसी बैकअप लाइट की भी व्यवस्था नहीं थी।

चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि मैनेजमेंट कमेटी के सदस्यों ने घटना के दौरान फायर ब्रिगेड या अन्य बचाव एजेंसियों को फोन नहीं किया, जिससे उनकी लापरवाही सामने आती है।

चूंकि हुजैफा नाबालिग है, इसलिए उसके खिलाफ मामला जुवेनाइल कोर्ट में चलाया जाएगा। वहीं अन्य आरोपियों पर पाकिस्तान दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आगजनी में लापरवाही, गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही से चोट पहुंचाने और साझा आपराधिक मंशा जैसे आरोप लगाए गए हैं।

–आईएएनएस

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