मुंबई, 30 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत राज्यभर में कार्यरत 15,010 संविदा कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके सेवा समायोजन का रास्ता साफ कर दिया है। सरकार ने 10 वर्ष या उससे अधिक की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों के लिए समकक्ष वेतनमान में बड़ी संख्या में पद सृजित करने और इसके लिए 1,153.60 करोड़ रुपये के वार्षिक व्यय को मंजूरी देने संबंधी शासनादेश जारी किया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर तथा राज्य मंत्री मेघना साकोरे बोर्डीकर ने संविदा कर्मचारियों के समायोजन के लिए विशेष प्रयास किए, जिसके बाद यह फैसला लिया गया।
सरकार ने बताया कि 14 मार्च 2024 को मंत्रिमंडल ने 10 वर्ष से अधिक सेवा देने वाले संविदा कर्मचारियों के समायोजन का निर्णय लिया था। बाद में 4 नवंबर 2025 को इसमें संशोधन किया गया और मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतर-विभागीय समिति गठित की गई। समिति की सिफारिशों तथा 25 जून 2026 की कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय के आधार पर यह शासनादेश जारी किया गया है।
शासनादेश के अनुसार, 25 जून 2026 तक तकनीकी अवकाश (टेक्निकल ब्रेक) को छोड़कर लगातार 10 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके 15,010 संविदा कर्मचारियों को एकमुश्त विशेष मामले के रूप में समकक्ष वेतनमान वाले बहुसंख्यक पदों पर नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के नियमित स्वीकृत पदों के अनुरूप संविदा पदों की समकक्षता तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अन्य विभागों के समकक्ष पदों पर भी विचार किया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि पदों की समकक्षता तय करते समय कार्य की प्रकृति, जिम्मेदारियां, शैक्षणिक योग्यता, सेवा प्रवेश नियम, वर्तमान वेतनमान और सातवें वेतन आयोग के अनुरूप लागू वेतनमान को आधार बनाया जाएगा। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद संबंधित विभाग पद सृजित कर पात्र कर्मचारियों की नियुक्ति करेंगे।
इन कर्मचारियों को समकक्ष पद के वेतनमान के अनुसार न्यूनतम मूल वेतन, महंगाई भत्ता (डीए) और यात्रा भत्ता (टीए) मिलेगा। साथ ही उन्हें वर्तमान में मिल रहा वेतन भी सुरक्षित रखा जाएगा।
हालांकि, शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि इन कर्मचारियों को पदोन्नति, आश्वसित प्रगति योजना (एसीपी/एएसएसपी), पेंशन या पारिवारिक पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। उनके लिए केवल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत वर्तमान में लागू अवकाश संबंधी नियम ही प्रभावी रहेंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सृजित किए जाने वाले ये पद व्यक्तिगत (पर्सनल) पद होंगे। संबंधित कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने, इस्तीफा देने या किसी अन्य कारण से सेवा समाप्त होने पर ये पद स्वतः समाप्त हो जाएंगे और इन पर दोबारा नियुक्ति नहीं की जाएगी। साथ ही कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ भी नहीं मिलेगा।
भविष्य में इस प्रकार के नियमितीकरण के मामलों से बचने के लिए सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत मानव संसाधन की नियुक्तियां मुख्य रूप से आउटसोर्सिंग या सेवा अनुबंध (सर्विस कॉन्ट्रैक्ट) के माध्यम से की जाएंगी। भविष्य में नए पदों के सृजन से जुड़े निर्णय भी वित्त विभाग की उच्चस्तरीय सचिव समिति की मंजूरी के बाद ही लिए जाएंगे।
–आईएएनएस
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