राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) के सामने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने अपना पक्ष रखा है। पूछताछ के दौरान उन्होंने चढ़ावा चोरी में किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष भूमिका होने से इनकार किया और कहा कि जैसे ही उन्हें मामले की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल पुलिस से समन्वय कर कार्रवाई शुरू कराई।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने इस मामले में चंपत राय से करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। जांच के दौरान उनसे आरोपियों की नियुक्ति, चढ़ावा प्रबंधन और घटना के बाद उठाए गए कदमों को लेकर सवाल पूछे गए।
जवाब में उन्होंने कहा कि नियुक्तियों के लिए कई मानक अपनाए गए थे और यह निर्णय किसी एक व्यक्ति का नहीं था। उनके अनुसार, विभिन्न लोगों की सिफारिशों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर नियुक्तियां की गई थीं।
चंपत राय ने यह स्वीकार किया कि चढ़ावा चोरी की घटना हुई है, लेकिन उन्होंने इस मामले में अपनी प्रत्यक्ष भूमिका होने से स्पष्ट इनकार किया।
