त्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) के सख्त रुख के चलते जुलाई माह में बिजली उपभोक्ताओं को ईंधन एवं विद्युत खरीद लागत समायोजन (एफपीपीसीए) में अब तक का सबसे बड़ा लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह कदम उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद की ओर से आयोग में दाखिल जनहित प्रस्ताव के बाद सामने आया है, जिसमें एफपीपीसीए की प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के सख्त पालन की मांग की गई थी।
आयोग ने पावर कॉरपोरेशन को निर्देश दिए हैं कि वह एफपीपीसीए की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के अनुरूप लागू करे। अब सभी की नजर इस बात पर है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड अगले दो दिनों में आयोग के आदेशों के अनुपालन में क्या निर्देश जारी करता है।
उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष एवं राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने दावा किया है कि अध्ययन के अनुसार जुलाई के एफपीपीसीए समायोजन में उपभोक्ताओं को अब तक का सबसे बड़ा लाभ मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि नियमों का पालन होने पर उपभोक्ताओं को राहत मिलती है, जबकि अनियमितताओं से आर्थिक नुकसान होता है। परिषद ने यह भी बताया कि पिछले 14 महीनों में एफपीपीसीए गणना में हुई कथित त्रुटियों के कारण उपभोक्ताओं से लगभग 2000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली का मामला आयोग में विचाराधीन है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस पर भी उपभोक्ताओं के हित में निर्णय लिया जाएगा।
