नई दिल्ली, (केसरिया न्यूज़)। सरकार ने गुरुवार को बताया कि मई 2026 तक देशभर में 17 केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के तहत चल रही 1,987 बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है, जिनकी कुल संशोधित लागत 42.50 लाख करोड़ रुपए है (मई तक)।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में सबसे ज्यादा 1,476 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी संशोधित लागत 23.50 लाख करोड़ रुपए है। इससे स्पष्ट होता है कि सरकार कनेक्टिविटी-आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) के मुताबिक, इन सभी परियोजनाओं पर अब तक 21.82 लाख करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं, जो कुल संशोधित परियोजना लागत का लगभग 51.34 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि परियोजनाओं का कार्यान्वयन लगातार आगे बढ़ रहा है।
मंत्रालय के मुताबिक, कई परियोजनाएं अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं, जिनमें 817 परियोजनाओं (41 प्रतिशत) में भौतिक प्रगति 80 प्रतिशत से अधिक हो चुकी है। वहीं 280 परियोजनाओं (14 प्रतिशत) में वित्तीय प्रगति भी 80 प्रतिशत से ज्यादा दर्ज की गई है।
मंत्रालय के अनुसार, परियोजनाओं का एक बड़ा हिस्सा शुरुआती और अंतिम चरणों में है, जिससे यह संकेत मिलता है कि एक ओर नई परियोजनाएं शुरू हो रही हैं तो दूसरी ओर कई परियोजनाएं जल्द पूरी होने वाली हैं।
सरकार की निगरानी में शामिल 1,987 परियोजनाओं में 813 मेगा परियोजनाएं हैं, जिनकी लागत 1,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक है। इनकी मूल लागत 31.58 लाख करोड़ रुपए है। इसके साथ ही, 1,174 प्रमुख परियोजनाएं हैं, जिनकी लागत 150 करोड़ रुपए से लेकर 1,000 करोड़ रुपए से कम है। इनकी कुल लागत 5.52 लाख करोड़ रुपए है।
मंत्रालय ने बताया कि बड़ी संख्या में परियोजनाएं 0 से 20 प्रतिशत और 81 से 100 प्रतिशत प्रगति वाले चरणों में हैं। इससे पता चलता है कि सरकार के पास नई परियोजनाओं की मजबूत पाइपलाइन भी है और कई परियोजनाएं पूरी होने के करीब भी हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतिम चरण वाली परियोजनाओं में भौतिक प्रगति वित्तीय प्रगति से अधिक है, जबकि शुरुआती चरण में वित्तीय खर्च अपेक्षाकृत ज्यादा दिखाई देता है, जिसका कारण परियोजनाओं की शुरुआत में होने वाला प्रारंभिक निवेश है।
मंत्रालय अपनी पैमाना प्लेटफॉर्म के माध्यम से केंद्रीय क्षेत्र की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है। यह प्लेटफॉर्म परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने, समय पर समीक्षा करने और डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद करता है।
मंत्रालय के अनुसार, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (एमओआरटीएच) सबसे अधिक 1,149 परियोजनाओं को लागू कर रहा है, जिनकी कुल संशोधित लागत 10.95 लाख करोड़ रुपए है, जो कुल परियोजना लागत का लगभग 26 प्रतिशत है। इससे राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में इस मंत्रालय की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आती है।
रेल मंत्रालय वर्तमान में 261 परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिनकी कुल संशोधित लागत 8.79 लाख करोड़ रुपए है, जो कुल लागत का लगभग 21 प्रतिशत हिस्सा है।
कोयला मंत्रालय के तहत 121 परियोजनाएं चल रही हैं, जिनकी कुल लागत 2.23 लाख करोड़ रुपए (5 प्रतिशत) है।
इसके अलावा,पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विद्युत मंत्रालय, आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय और जल संसाधन, नदी विकास और जीआर विभाग क्रमशः 109, 101, 50 और 40 परियोजनाओं को लागू कर रहे हैं, जिनकी संशोधित लागत क्रमशः 5.14 लाख करोड़ रुपए, 5.77 लाख करोड़ रुपए, 3.65 लाख करोड़ रुपये और 2.04 लाख करोड़ रुपए है।
–केसरिया न्यूज़
