मुंबई, 24 जून (आईएएनएस)। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ को लेकर चर्चा में हैं। वह फिल्म के प्रमोशन में जुटे हुए है। इस कड़ी में उन्होंने आईएएनएस को इंटरव्यू दिया और अपने फिल्मी करियर, बदलते सिनेमा और दर्शकों की पसंद को लेकर खुलकर बातचीत की। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैसे समय के साथ फिल्मों का अंदाज बदला है और कैसे कई फिल्में शुरुआती दौर में असफल होने के बाद भी लोगों के बीच लोकप्रिय हो जाती हैं। उन्होंने भोजपुरी सिनेमा, अपनी फिल्म ‘खेल खेल में’, और ‘खट्टा मीठा’ जैसी फिल्मों का भी जिक्र किया और कॉमेडी के अपने लंबे सफर पर भी बात की।
आईएएनएस संग बातचीत में अक्षय कुमार ने भोजपुरी सिनेमा को लेकर एक दिलचस्प बात कही। उन्होंने कहा, “भोजपुरी सिनेमा बहुत खास है। अगर आपने फिल्म का भोजपुरी ट्रैक ‘घिस घिस’ देखा हो, तो उसमें जैकलीन फर्नांडिस का एक डायलॉग है- ‘भोजपुरी हॉलीवुड से बेहतर है।’ वह डायलॉह मैंने ही शामिल करवाया था। आप निर्देशक से भी पूछ सकते हैं। भोजपुरी अभिनेता का किरदार निभाना मेरे लिए सम्मान की बात थी।”
इसके बाद अक्षय कुमार ने अपनी हाल ही में आई फिल्म ‘खेल खेल में’ पर भी बात की। उन्होंने कहा, ”हर फिल्म का अपना समय होता है। आज ही, यहां आने से लगभग ढाई घंटे पहले मैं अपने दोस्तों, भांजी और बहन के साथ बैठा था। हम सभी फिल्म ‘खेल खेल में’ देख रहे थे, जो कि मेरी फिल्म है। आप मेरी बात से सहमत हों या न हों, लेकिन मुझे लगता है कि यह एक बहुत अच्छी फिल्म है। मुझे पता है कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चली, लेकिन मैं इतना दावे के साथ कह सकता हूं कि आगे लोग इसे याद करेंगे और कहेंगे कि यह एक शानदार फिल्म थी।”
अक्षय ने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘खट्टा मीठा’ जैसी फिल्म भी अपने समय पर नहीं चली थी, लेकिन आज वह सोशल मीडिया और मीम्स की वजह से एक अलग पहचान बना चुकी है। इसी तरह मुझे उम्मीद है कि ‘खेल खेल में’ भी आने वाले समय में दर्शकों के बीच एक खास जगह बनाएगी।
अक्षय कुमार ने इस फिल्म के विषय पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया, “खेल खेल में एक डार्क ह्यूमर वाली फिल्म है, फिर भी यह लोगों को खूब हंसाती है। इसमें रिश्तों की जटिलताओं को दिखाया जाता है, उन सभी के मोबाइल फोन एक साथ रखे जाते हैं, कोई भी उनके फोन को चेक कर सकता है। उन लोगों की जिंदगी पूरी तरह उलझ जाती है। तलाक और कई परेशानियां सामने आती हैं, लेकिन दर्शक फिर भी हंस रहे होते हैं।”
अपने करियर के शुरुआती दौर को याद करते हुए अक्षय कुमार ने कहा, ”मैंने 30 साल पहले कॉमेडी इसलिए नहीं की, क्योंकि किसी ने मुझे ऐसे रोल ऑफर ही नहीं किए थे। मैं सिर्फ एक्शन फिल्में करता था। लगभग 10 साल तक मैंने केवल एक्शन फिल्मों में काम किया। इसके बाद मैं धीरे-धीरे कॉमेडी की तरफ कदम बढ़ाया। आज कॉमेडी के कई रूप हो गए हैं। अब डार्क ह्यूमर है, फिजिकल कॉमेडी है और सिचुएशनल कॉमेडी भी लोकप्रिय हो गई है। बहुत कुछ बदल गया है। कॉमेडी एक विशाल समुद्र की तरह है। आप जितना भी इसे समझने की कोशिश करें, लगता है कि आप अभी भी सिर्फ सतह पर हैं। यह बहुत गहरी है। मैं उन लोगों की सराहना करता हूं, जिनमें पूरे स्टेडियम या थिएटर को हंसाने की क्षमता होती है।”
–आईएएनएस
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