अस्पतालों में आए दिन होने वाले अग्निकांडों को देखते हुए हजरतगंज स्थित वीरांगना झलकारी बाई महिला अस्पताल को में हाईटेक फायर सेफ्टी सिस्टम लगाया जाएगा। ये अत्याधुनिक स्प्रिंकलर सिस्टम आग लगने पर स्वत: सक्रिय हो जाएगा। इस स्प्रिंकलर सिस्टम प्रोजेक्ट का ठेका आवास विकास एजेंसी को दिया गया है।
झलकारी बाई अस्पताल हजरतगंज में घनी आबादी वाले इलाके में है। यहां यातायात भी अधिक है। अस्पताल परिसर छोटा होने से इसमें दमकल की गाड़ियां बमुश्किल घूम पाती हैं। फायर सेफ्टी के नियमों के मुताबिक, अस्पताल को एक बड़े पानी के टैंक की जरूरत थी, लेकिन सबसे बड़ा तकनीकी पेच यह था कि अस्पताल के ठीक नीचे से मेट्रो की टनल गुजर रही है। ऐसे में जमीन के अंदर गहरा गड्ढा खोदकर वॉटर टैंक बनाना मेट्रो की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक था।
अब वर्टिकल बनाया जाएगा फॉयर सेफ्टी सिस्टम
जमीन की कमी और भूमिगत निर्माण संभव न होने की वजह से इंजीनियरों ने वर्टिकल इंजीनियरिंग और मॉडर्न साइडवॉल स्प्रिंकलर टेक्नोलॉजी का रास्ता निकाला है। इस तकनीक से बिना जमीन में खुदाई किए अस्पताल की दीवारों और छत के सहारे ऊपर की तरफ मॉडर्न स्प्रिंकलर सिस्टम खड़ा किया जाएगा। पानी के स्टोरेज के लिए अस्पताल की रूफटॉप या वर्टिकल स्पेस का इस्तेमाल कर विशेष ढांचा तैयार किया जाएगा।
कैसे काम करेगी यह हीट-सेंसिटिव तकनीक?
इस अत्याधुनिक तकनीक की प्रमुख विशेषता हेड में लगा हीट-सेंसिटिव ग्लास बल्ब है। अस्पताल के वार्डों और संवेदनशील कमरों में लगने वाले स्प्रिंकलर्स के पास जैसे ही शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह से तापमान बढ़ेगा, यह कांच का बल्ब खुद-ब-खुद फूट जाएगा। बल्ब के फूटते ही वर्टिकल पाइपलाइन से पानी का तेज फव्वारा छूटेगा। यह बारीक बौछारें आग को शुरुआती सेकंड्स में ही दबा देंगी। इससे अस्पताल के महंगे मेडिकल इक्विपमेंट्स को भी पानी से नुकसान नहीं पहुंचेगा।
