एनीमेशन सेंटर अग्निकांड के बाद घायलों की भारी भीड़ ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से अस्पताल की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हो गईं। अचानक बढ़े इमरजेंसी दबाव के चलते सामान्य मरीजों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। ट्रॉमा सेंटर में अफरा-तफरी के हालात के बीच सामान्य पंजीकरण और खून के सैंपल लेने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई।
इमरजेंसी सेवाओं को प्राथमिकता दिए जाने के कारण काउंटर पर अन्य मरीजों के लिए पंजीकरण फिलहाल रोक दिया गया। परिजनों को बताया गया कि रात नौ बजे के बाद ही सामान्य पंजीकरण की प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाएगी। इस दौरान मरीजों और उनके तीमारदारों को लंबा इंतजार करना पड़ा और उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा।
घायल प्रमोद को कर दिया गया बाहर
ट्रॉमा सेंटर में अग्निकांड के बाद बढ़े अत्यधिक दबाव का असर अन्य मरीजों पर भी देखने को मिला। हरदोई निवासी प्रमोद (32) सड़क हादसे में घायल होने के बाद उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर लाए गए थे, लेकिन यहां उन्हें फिलहाल बाहर कर दिया गया। प्रमोद के बड़े भाई रामगोपाल ने बताया कि हरदोई में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर किया था। लेकिन यहां पहुंचने पर अग्निकांड के चलते बनी आपात स्थिति का हवाला देते हुए उन्हें भर्ती नहीं किया गया। परिजनों के अनुसार अस्पताल स्टाफ ने बताया कि फिलहाल केवल गंभीर अग्निकांड से जुड़े घायलों का ही उपचार किया जा रहा है। सामान्य इमरजेंसी सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हैं और स्थिति सामान्य होने के बाद ही आगे इलाज संभव होगा।
