उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 के विद्यार्थियों के मूल अंकपत्र और प्रमाणपत्रों के ऑफलाइन वितरण की तैयारी पूरी कर ली है। बोर्ड के सभी पांच क्षेत्रीय कार्यालयों में ये दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं। इसके साथ ही कक्षा नौ और 11 के छात्र-छात्राओं के पंजीकरण कार्ड भी संबंधित विद्यालयों को भेजे जा रहे हैं।
पहले दिए गए थे डिजिटल अंकपत्र
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि 23 अप्रैल को परीक्षा परिणाम घोषित होने के बाद विद्यार्थियों को सबसे पहले डिजिटल अंकपत्र उपलब्ध कराए गए थे। इसके बाद दस्तावेजों में नाम, जन्मतिथि या अन्य त्रुटियों के सुधार के लिए आवेदन का अवसर दिया गया। विद्यालयों से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन करने के बाद अब त्रुटिरहित मूल अंकपत्र और प्रमाणपत्र तैयार कर क्षेत्रीय कार्यालयों में भेज दिए गए हैं।
एक सप्ताह में जिलों तक पहुंचेंगे
बोर्ड के अनुसार आगामी एक सप्ताह के भीतर सभी दस्तावेजों के पैकेट प्रदेश के विभिन्न जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालयों तक पहुंचा दिए जाएंगे। इसके बाद इन्हें संबंधित विद्यालयों को सौंपा जाएगा, जहां से छात्र-छात्राएं अपने मूल अंकपत्र और प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेंगे।
स्कूलों से मिलेंगे प्रमाणपत्र
विद्यार्थी अपने-अपने विद्यालयों में प्रधानाचार्य द्वारा निर्धारित समयावधि के अनुसार मूल दस्तावेज प्राप्त कर सकेंगे। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं के अंकपत्र भी इसी पैकेट के साथ विद्यालयों को उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि सभी विद्यार्थियों को एक साथ दस्तावेज मिल सकें।
50 लाख से अधिक थे परीक्षार्थी
गौरतलब है कि यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में 50 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए दस्तावेजों का वितरण एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जा रही है। बोर्ड का कहना है कि सभी जिलों में समयबद्ध तरीके से अंकपत्र और प्रमाणपत्र पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
