भारत-नॉर्वे ने वैश्विक प्राथमिकताओं और द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर की चर्चा, बदलती वैश्विक चुनौतियों पर हुई बातचीत


नई दिल्ली, 15 जून (आईएएनएस)। भारत और नॉर्वे ने सोमवार को दुनियाभर में बदलती प्राथमिकताओं और दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। यह बातचीत भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर और विदेश मंत्रालय में पॉलिसी प्लानिंग और अनुसंधान की संयुक्त सचिव अपर्णा रे के बीच हुई बैठक के दौरान हुई।

भारत में नॉर्वे की राजदूत ने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “संयुक्त सचिव (नीति नियोजन और अनुसंधान) अपर्णा रे से मिलकर खुशी हुई। हमने दुनिया में बदलती प्राथमिकताओं और भारत-नॉर्वे के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर चर्चा की। मैं हमारे करीबी सहयोग को आगे भी जारी रखने के लिए उत्सुक हूं।”

पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन की आधिकारिक यात्रा पर नॉर्वे गए थे। इस दौरान उन्होंने इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया और कई द्विपक्षीय बैठकों में भी भाग लिया।

ओस्लो में प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनस गहर स्टोर से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-नॉर्वे संबंधों को ‘ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा देने का फैसला किया। साथ ही नवाचार, शोध, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “ओस्लो में प्रधानमंत्री जोनस गहर स्टोर के साथ मेरी बातचीत बहुत सकारात्मक रही। हमारी बैठक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक हमारे द्विपक्षीय संबंधों को ‘ग्रीन स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप’ तक बढ़ाना रहा। इससे स्वच्छ ऊर्जा, टिकाऊ विकास, ब्लू इकोनॉमी, ग्रीन शिपिंग और कई अन्य क्षेत्रों में सहयोग और मजबूत होगा। हमने नवाचार, शोध, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में संबंध बढ़ाने पर भी चर्चा की। यह देखकर खुशी हुई कि नॉर्वे इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव में शामिल हुआ है।”

प्रधानमंत्री मोदी और जोनस गहर स्टोर ने बिजनेस और रिसर्च समिट में भी हिस्सा लिया। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में हो रहे सुधारों के बारे में बताया और नॉर्वे को स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्‍स’ पर लिखा, “ओस्लो सिटी हॉल में प्रधानमंत्री जोनस गहर स्टोर और मैंने बिजनेस और रिसर्च समिट में हिस्सा लिया। व्यापार और शोध से जुड़े लोगों से बातचीत करना अच्छा अनुभव रहा। हमारे दोनों देश खाद्य सुरक्षा, उर्वरक, मत्स्य पालन और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में व्यापक सहयोग कर सकते हैं। मैंने नॉर्वे को भारत की स्वच्छ ऊर्जा पहलों में निवेश करने का निमंत्रण दिया। साथ ही भारत में हो रहे सुधारों के बारे में भी चर्चा की। जहाज निर्माण का क्षेत्र भी असीम संभावनाएं रखता है।”

इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को ओस्लो में नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम की ओर से नॉर्वे के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया गया। यह प्रधानमंत्री मोदी को मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान था।

–आईएएनएस

एवाई/वीसी


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