उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण और गो आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल अब देश और विदेश में पहचान बना रही है। प्रदेश में तैयार किए जा रहे पंचगव्य और आयुर्वेदिक उत्पाद अमेरिका, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई समेत कई देशों तक पहुंच रहे हैं। राज्य सरकार का दावा है कि गो संरक्षण को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हुए हैं।
प्रदेश में देसी गायों से तैयार पंचगव्य घृत, गोमूत्र अर्क, च्यवनप्राश, गो घृत और अन्य आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग बढ़ी है। गोबर, गोमूत्र और दुग्ध उत्पादों को बाजार से जोड़कर उन्हें आय का स्रोत बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण और गो आधारित उत्पादों को बढ़ावा देने की पहल अब देश और विदेश में पहचान बना रही है। प्रदेश में तैयार किए जा रहे पंचगव्य और आयुर्वेदिक उत्पाद अमेरिका, जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई समेत कई देशों तक पहुंच रहे हैं। राज्य सरकार का दावा है कि गो संरक्षण को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हुए हैं।
प्रदेश में देसी गायों से तैयार पंचगव्य घृत, गोमूत्र अर्क, च्यवनप्राश, गो घृत और अन्य आयुर्वेदिक उत्पादों की मांग बढ़ी है। गोबर, गोमूत्र और दुग्ध उत्पादों को बाजार से जोड़कर उन्हें आय का स्रोत बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
