मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को आजमगढ़ दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बेटियों के प्रति किसी भी प्रकार की अभद्र या अपमानजनक भाषा को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम योगी ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों का दिया हवाला
मुख्यमंत्री ने बताया कि जैसे ही यह मामला उनके संज्ञान में आया, उन्होंने तुरंत पुलिस को एफआईआर दर्ज करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम योगी ने भारतीय संस्कृति और संस्कारों का हवाला देते हुए कहा, “बेटी तो बेटी होती है। हम उस परंपरा में पले-बढ़े हैं जहां गांव की बेटी सबकी बेटी और गांव की बहन सबकी बहन मानी जाती है। विकास और सुरक्षा के मामले में हमने कभी कोई भेदभाव नहीं किया।”
अपने ‘चेले-चपाटों’ को भी समझा लें अखिलेश यादव- योगी
उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरों को उपदेश देने से पहले सपा नेताओं को अपने समर्थकों को भाषा की मर्यादा और संस्कार सिखाने चाहिए। सीएम योगी ने कड़े लहजे में चेतावनी दी, “अच्छा होगा कि अखिलेश जी अपने ‘चेले-चपाटों’ को समझा लें। अगर वे नहीं समझा पाते, तो उन्हें हमारे हवाले कर दें, हम उन्हें अच्छी तरह समझा देंगे।”
उन्होंने सपा नेताओं से बुजुर्गों, दिवंगत हस्तियों और वरिष्ठ नेताओं के प्रति भी अपनी भाषा संयमित रखने की अपील की। सीएम के इस बयान को महिला सुरक्षा और सम्मान के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के रूप में देखा जा रहा है।
