सूर्य प्रताप शाही ने अयोध्या में आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा का किया अनावरण, समाज सेवा में योगदान को किया याद


अयोध्या, 12 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित अमावा राम मंदिर परिसर में आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा का अनावरण समारोह श्रद्धा, सम्मान और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं अयोध्या के प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्मा, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

यूपी सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल का जीवन समाज सेवा, राष्ट्रनिष्ठा और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का अद्भुत उदाहरण रहा है। अयोध्या और राम जन्मभूमि से जुड़े विषयों में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके विचार, कार्य और व्यक्तित्व आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।

पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि आचार्य किशोर कुणाल का योगदान राम मंदिर में विशेष रूप से रहा है। उन्होंने बिहार, यूपी और धर्म के लिए काफी काम किया है। वो लगातार मानव की सेवा करते रहे और लोगों को धर्म के राह पर चलना सिखाया है। वो प्रशासनिक सेवा में रहते हुए भी काफी उत्कृष्ट कार्य किए थे। आने वाले समय में उनको हमेशा याद रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि आचार्य किशोर कुणाल ने अपनी पुस्तक में भी कई बातों को लिखा है। हम लोगों को उनसे काफी सीख लेना चाहिए। राम मंदिर को लेकर उन्होंने इतनी सही बात लिखी थी कि सुप्रीम कोर्ट में भी इस बात को सही बताया था। आचार्य किशोर कुणाल भारत सरकार के अयोध्या प्रकोष्ठ में कई वर्षों तक विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) के रूप में कार्यरत रहे। राम जन्मभूमि से जुड़े न्यायिक, ऐतिहासिक और प्रलेखन संबंधी कार्यों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसे देश हमेशा याद रखेगा।

वक्ताओं ने बताया कि आचार्य किशोर कुणाल ने अयोध्या विषय पर दो महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचना की थी। उनके मार्गदर्शन में “राम रसोई” जैसी सेवा परियोजना की शुरुआत हुई, जिसके माध्यम से आज भी हजारों श्रद्धालुओं और जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही महावीर मंदिर ट्रस्ट के माध्यम से श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपए का योगदान भी प्रदान किया गया था। समारोह में उपस्थित लोगों ने उनके योगदान को नमन करते हुए उन्हें युगद्रष्टा, समाजसेवी और धर्मनिष्ठ व्यक्तित्व के रूप में याद किया।

कार्यक्रम के बाद सायण कुणाल ने आचार्य किशोर कुणाल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासनिक सेवा में रहते हुए तथा सेवा निवृत्ति के बाद भी धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनका जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनकी विरासत सदैव जनसेवा के मार्ग को आलोकित करती रहेगी।

–आईएएनएस

एसएके/वीसी


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