रायपुर, 12 जून (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने भारत के आर्थिक नजरिए, ईंधन वितरण की सीमाओं और निवेशकों के साथ बैठकों जैसे मुद्दों पर टिप्पणी की। उन्होंने छत्तीसगढ़ में विकास पर चर्चा और व्यापक राष्ट्रीय नीतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर सच बताना चाहिए।
सरकार द्वारा डीजल पर लगाई गई पाबंदियों पर कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने आईएएनएस से कहा, “जब सीमाएं तय की जाती हैं, तो कालाबाजारी शुरू हो जाती है, यह तो तय है। अगर कोटा सिस्टम लागू किया जाता है, तो कालाबाजारी शुरू हो जाती है। कई लोगों ने मुझे बताया है कि डीजल मिलना बहुत मुश्किल हो रहा है। डीजल सरकारी कीमत से 10 रुपए ज्यादा पर बेचा जा रहा है।
नीति आयोग की बैठक में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि वैश्विक संकट के दौर में भारत प्रगति की ओर अग्रसर है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि मेरा कहना है कि देश के जिन मतदाताओं के बहुमत से आप प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करने की स्थिति में आए हैं, उनको गुमराह नहीं करना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि लोगों को ढाढस नहीं देना चाहिए कि सब कुछ ठीक चल रहा है, क्यों कि वैश्विक स्तर के जाने माने अर्थशास्त्री कह रहे हैं कि हमारी स्थिति कमजोर हो रही है। फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) की बात हो या नए उद्योगों में पैसा नहीं लगना आखिर लोगों के पास पैसा कैसे जाएगा। जब तक कोई नई गतिविधि नहीं होगी, कोई नया काम नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा कि देश में गैस की दिक्कत है, पेट्रोल-डीजल की कमी है, रोजगार की कमी है। हमारी अर्थव्यवस्था नीचे गिरती जा रही है। इन बातों को भी जनता के साथ खुले मन से साझा करनी चाहिए।
हैदराबाद में हो रहे इन्वेस्टर्स समिट में छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय के शामिल होने पर कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने कहा, “निवेश एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। छत्तीसगढ़ से तेलंगाना को बिजली सप्लाई की जाती है और अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या हमें इसके लिए समय पर पेमेंट मिल रहा है या नहीं। ऐसे मुद्दे बार-बार सामने आए हैं। पिछली कांग्रेस सरकार के समय भी ऐसी ही चिंताएं जताई गई थीं। 10,000–20,000 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान को लेकर हमेशा चर्चा होती रही है।”
–आईएएनएस
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