नई दिल्ली, 11 जून (केसरिया न्यूज़)। भारत फाइनेंशियल सर्विसेज के लिए एक प्रमुख ग्लोबल टैलेंट हब के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। मुंबई, दिल्ली एनसीआर और बेंगलुरु दुनिया के टॉप 30 फाइनेंशियल सर्विसेज मार्केट में से एक हैं। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई थी।
रियल एस्टेट कंसल्टेंसी ‘कोलियर्स इंडिया’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय शहर श्रम की उपलब्धता, टैलेंट पाइपलाइन, वेंचर कैपिटल फंडिंग गतिविधियों और इंडस्ट्री आउटपुट के मामले में अच्छी स्थिति में हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, फाइनेंशियल सर्विस कंपनियां अपनी लोकेशन से जुड़ी रणनीतियों पर फिर से विचार कर रही हैं, क्योंकि वे टैलेंट तक पहुंच, लागत के मामले में प्रतिस्पर्धा और तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।
रिपोर्ट में बताया गया कि फाइनेंशियल सर्विस टैलेंट के लिए मुंबई को बड़े इंटरनेशनल मार्केट के साथ-साथ प्रमुख ‘ग्लोबल सेंटर्स’ में शामिल किया गया, जबकि दिल्ली एनसीआर एक अहम ‘रणनीतिक केंद्र’ के तौर पर उभरा।
वहीं, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद और पुणे की पहचान दुनिया के प्रमुख ‘डोमेस्टिक और ऑपरेशनल सेंटर्स’ के तौर पर की गई।
इसके अलावा, एशिया-पैसिफिक लेबर इंडेक्स रैंकिंग में बेंगलुरु, मुंबई और पुणे ने टॉप तीन स्थान हासिल किए।कॉलियर्स इंडिया में ऑफिस सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर अर्पित मल्होत्रा ने कहा, “बेहतरीन टैलेंट, टेक्नोलॉजी की जानकारी और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता के दम पर भारत तेजी से ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विस हब के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि जैसे-जैसे कंपनियां पारंपरिक ग्लोबल फाइनेंशियल हेडक्वार्टर और डिलीवरी सेंटरों से आगे देख रही हैं, भारतीय शहर रणनीतिक और हाई-वैल्यू वाले बिजनेस कामों में मदद करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।
मल्होत्रा के अनुसार, प्रमुख ग्लोबल और घरेलू बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस और इंश्योरेंस (बीएफएसआई) कंपनियों द्वारा ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग के कारण, अगले कुछ सालों में भारत में ऑफिस की कुल मांग में इस सेक्टर की हिस्सेदारी 15-20 प्रतिशत तक हो सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार, टैलेंट की उपलब्धता और क्षमता के मामले में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे आगे बना हुआ है। दिल्ली एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु इस क्षेत्र में फाइनेंशियल सर्विस टैलेंट के लिए सबसे मजबूत मार्केट में शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का फाइनेंशियल सर्विस इकोसिस्टम लगातार विविधतापूर्ण होता जा रहा है। शहर अपनी फ्रंट-ऑफिस क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं और साथ ही डिजिटल बैंकिंग, रिस्क मैनेजमेंट, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में वैल्यू चेन में ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं।
–केसरिया न्यूज़
