मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। मुंबई के दहिसर क्षेत्र में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक नए ‘सुविधा केंद्र’ का उद्घाटन किया। यह केंद्र झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विजन से जुड़ी है, जिसमें हर नागरिक के जीवन को अधिक सुविधाजनक, सम्मानजनक और बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा चाहते हैं कि देश के हर नागरिक को बेहतर सुविधाएं मिलें, उनका जीवन आसान बने और समाज में उन्हें सम्मान मिले। उन्होंने कहा कि शौचालय केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि लोगों की गरिमा और सम्मान से जुड़ा विषय है। इसी सोच के साथ स्वच्छता को देश के विकास की यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है।
पीयूष गोयल ने कहा कि झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग अपनी इच्छा से वहां नहीं रहते, बल्कि परिस्थितियों और मजबूरियों के कारण उन्हें ऐसे हालात में जीवन बिताना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि स्लम पुनर्विकास योजनाओं के माध्यम से हर झुग्गीवासी को पक्का और सम्मानजनक घर मिले। हालांकि जब तक यह लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं होता, तब तक लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि इस दिशा में उत्तर मुंबई में एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचएसबीसी, जेएसडब्ल्यू और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के सहयोग से शहर के विभिन्न हिस्सों में ऐसे सुविधा केंद्र विकसित किए जा रहे हैं। दहिसर में शुरू हुआ यह केंद्र उत्तर मुंबई का पहला और इस पहल के तहत देश का 25वां सुविधा केंद्र है।
पीयूष गोयल ने जानकारी दी कि अगले तीन वर्षों में ऐसे 100 और सुविधा केंद्र स्थापित करने की योजना है। इन केंद्रों का संचालन स्थानीय महिलाओं की भागीदारी से किया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर भी मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि सुविधा केंद्रों में आधुनिक शौचालयों के साथ लॉन्ड्री सुविधा और मात्र एक रुपये प्रति लीटर की दर से स्वच्छ पेयजल भी उपलब्ध होगा। पानी के पुनर्चक्रण और आधुनिक तकनीक के उपयोग से जल संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि यह पहल झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लाखों लोगों के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाएगी और मुंबई को स्वच्छ, सुविधाजनक तथा समावेशी शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
–आईएएनएस
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