मुंबई, 2 जून (आईएएनएस)। ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ शो भारतीय सिनेमा के सुनहरे इतिहास को याद करने का एक खास मंच बन गया है। शो के सेट पर जज जावेद जाफरी, टेरेंस लुईस और होस्ट हर्ष लिंबाचिया ने मिलकर बॉलीवुड डांस के डेवलपमेंट पर चर्चा की, जिसमें पुराने दौर की फिल्मों से लेकर आज के मॉडर्न डांस तक का सफर याद किया गया।
बातचीत के दौरान भारतीय सिनेमा की पहली टॉकी मूवी ‘आलम आरा’ का भी जिक्र हुआ, जिसे भारतीय फिल्म इतिहास की शुरुआत का एक बड़ा पड़ाव माना जाता है। शो के दौरान हर्ष लिंबाचिया ने पूछा कि बॉलीवुड में पहली बार डांस की झलक किस फिल्म में देखने को मिली थी।
उन्होंने आगे कहा, ”मैं बता देता हूं कि शुरुआती दौर में फिल्म ‘आलम आरा’ में डांस और प्रदर्शन की शुरुआती झलक सामने आई थी। उस समय के कलाकारों ने शायद कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि आने वाले समय में भारतीय सिनेमा में डांस इतनी बड़ी पहचान बन जाएगा। ‘आलम आरा’ में पृथ्वीराज कपूर थे और उसी परिवार की परपोती करिश्मा कपूर बॉलीवुड डांस की पहचान बनेंगी।”
जावेद जाफरी ने इस मौके पर दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर को याद किया और उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा, ”पृथ्वीराज कपूर की स्क्रीन प्रेजेंस बेहद मजबूत थी और उनका व्यक्तित्व बहुत प्रभावशाली था। उनके बाद राज कपूर, शम्मी कपूर और शशि कपूर जैसे महान कलाकार शामिल रहे। कपूर परिवार ने भारतीय सिनेमा को एक अलग तरह की ऊर्जा दी, जो आज भी याद की जाती है।”
इसके बाद टेरेंस लुईस ने बॉलीवुड डांस के बदलते स्वरूप पर बात की। उन्होंने कहा, “हिंदी सिनेमा में डांस का स्तर धीरे-धीरे बदला और इसमें कई प्रशिक्षित कलाकारों का बड़ा योगदान रहा। अभिनेत्रियों ने क्लासिकल डांस की ट्रेनिंग के साथ फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा। इनमें वैजयंतीमाला, हेमा मालिनी और श्रीदेवी जैसे नाम शामिल है। इन कलाकारों ने अपनी तकनीक और अनुशासन से बॉलीवुड डांस को एक नया स्तर दिया और उसे अधिक प्रभावशाली बनाया।”
टेरेंस लुईस ने आगे कहा, ”इसके बाद जब माधुरी दीक्षित का दौर आया, तो बॉलीवुड डांस में एक नई ऊर्जा देखने को मिली। उनके एक्सप्रेशन और डांस स्टाइल ने दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी। माधुरी के बाद करिश्मा कपूर ने भी डांस में एक अलग फिल्मी अंदाज़ जोड़ा। हर पीढ़ी ने बॉलीवुड डांस को कुछ नया दिया और उसे आगे बढ़ाया।”
–आईएएनएस
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