UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेधावियों को किया सम्मानित, अभिभावकों को भी दी बड़ी सीख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को देश की मजबूत नींव यानी उत्तर प्रदेश के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने यूपी बोर्ड, सीबीएसई के साथ ही साथ आईएससी-आईसीएससी बोर्ड के मेधावियों को एक-एक लाख रुपये का चेक और टैबलेट प्रदान किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 223 मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान किया। इसमें विभिन्न बोर्ड के मेधावियों के साथ उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद के छात्र-छात्राएं भी थे। लखनऊ में कार्यक्रम के साथ प्रदेश के 1459 जिला स्तर के मेधावियों को भी जिला मुख्यालयों पर आयोजित समारोहों में 21 हजार रुपये, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को देश के भविष्य के निर्माता की उपाधि देने के साथ उनके माता-पिता व शिक्षक शिक्षिकाओं को बधाई। उन्होंने अभिभावकों को भी बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दो-वर्ष तीन वर्ष के बच्चों को मोबाइल पकड़ाना अनुचित है। उन्हें थोड़ा अन्य रचनात्मक विकास वाले कार्यों से जोड़िए। भगवान राम के गुरु वशिष्ठ, विश्वामित्र और वाल्मीकि ने उन्हें गढ़ा और ज्ञान की परंपरा ने भारत को विश्वगुरु का दर्जा दिलाया। आज उसी कड़ी में यह मेधावियों का सम्मान भी है।

एक साथ 1682 छात्र छात्राओं को सम्मानित कर रहे

उन्होंने कहा कि आज हम एक साथ 1682 छात्र छात्राओं को सम्मानित कर रहे। विगत 9 वर्षों में हमने प्रदेश में नकल-विहीन परीक्षाएं आयोजित कराने का कार्य किया है। आज उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाओं में लगभग 56 लाख विद्यार्थी सम्मिलित होते हैं। इनकी परीक्षाएं 14 से 15 दिनों में संपन्न हो जाती हैं और अगले 14 से 15 दिनों के भीतर उनके परिणाम भी घोषित कर दिए जाते हैं। आज से नौ वर्ष पूर्व यह संभव नहीं था, तब मेरिट-डीमेरिट का पता ही नहीं था। परीक्षा तो छात्र-छात्रों के प्रोत्साहन का माध्यम होना चाहिए। नौ वर्ष पहले तक तो परीक्षा के दौरान ठेका होना ही था, तो छात्र मेहनत नहीं करते थे। जम्मू-कश्मीर के छात्र पूर्वी यूपी के कुछ जिलों से फार्म भरते थे। उनके स्थान पर परीक्षा कोई और देता था, अब वह नहीं है।

छात्राएं मेरिट में ज्यादा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार भी मेरिट में छात्राएं ज्यादा आई हैं। छात्र कम आए हैं। दसवीं और बारहवीं सब में छात्राओं ने ज्यादा मेहनत की यह मेरिट बताती है कि परिवर्तन आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छात्रों के मेरिट में पिछड़ने पर चुटकी ली और कहा कि शायद छात्र अब झाड़ू-पोंछा और सब्जी लाने के साथ मोहल्ले में झाड़ू ज्यादा लगा रहे हैं।

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