यूपी के जिलों में आधी-बारिश बनी मुसीबत: गोरखपुर में ‘एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट; हमीरपुर में चक्रवाती तूफान

उत्तर प्रदेश में आईएमडी ने अगले दो दिनों में राज्यभर में व्यापक बारिश और आंधी का अनुमान जताते हुए तेज हवाएं, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खराब मौसम के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ। गोरखपुर जिले में मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए “एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट” जारी किया है।

अगले 24 घंटे भारी बारिश और तेज आंधी की चेतावनी

मौसम विभाग द्वारा शुक्रवार को जारी चेतावनी के अनुसार जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ भारी से अति भारी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि होने की संभावना है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है, जो कुछ स्थानों पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग की इस चेतावनी के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। 

प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थान पर ही रुकने की कोशिश करें। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी लोगों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करने की सलाह दी है।

हमीरपुर में चक्रवाती तूफान से भारी तबाही

हमीरपुर जिले में बीती रात आए चक्रवाती तूफान और तेज आंधी-बारिश ने भारी तबाही मचाई, जिससे करीब 340 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई तथा लगभग 500 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए। प्राकृतिक आपदा में एक महिला की मौत हो गई जबकि चार लोग घायल हो गए। प्रारंभिक आकलन में करीब 80 लाख रुपये के नुकसान की बात सामने आई है। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता जीसी यादव ने शुक्रवार को बताया कि तेज तूफान के कारण जिले में व्यापक नुकसान हुआ है। कई घरों की टीन शेड और छप्पर उड़ गए तथा सबसे अधिक क्षति राठ और सुमेरपुर क्षेत्र में हुई है। 

340 गांवों की बिजली ठप, महिला की मौत 

बिजली व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने से कस्बों और ग्रामीण इलाकों में पेयजल संकट भी उत्पन्न हो गया है। मौदहा तहसील क्षेत्र में तेज आंधी और मूसलाधार बारिश से सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल धराशायी हो गए, जिससे पिछले करीब 20 घंटे से विद्युत आपूर्ति बाधित है। कई संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गए हैं। फत्तेपुर मोहल्ले में पीपल के पेड़ पर बैठे करीब 50 तोतों की भी मौत हो गई। तूफान के चलते अजय कुमार, लीलावती, मदन और सलाहुद्दीन समेत 11 लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए। अरतरा और रोहरी गांव की गौशालाओं के टीन शेड उड़ गए, जबकि अछरेला गांव में प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री वॉल गिर गई। 

सिजवाही गांव में सरकारी ट्यूबवेल पर पेड़ गिरने से जलापूर्ति ठप हो गई। सुमेरपुर क्षेत्र के चंद्रपुरवा बुजुर्ग गांव में पेड़ की डाल गिरने से 80 वर्षीय कैलसिया देवी की मौत हो गई। वहीं प्रदीप, रामजीवन, अर्जुन, श्यामकली समेत चार लोग घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। मौदहा-कपसा मार्ग पर निर्माणाधीन वैकल्पिक रास्ते में कीचड़ भर जाने से दोपहर तक यातायात बाधित रहा। 

प्रशासन और बिजली विभाग की टीमें राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हुई हैं। बिजली विभाग के एसडीओ आरके वर्मा ने बताया कि क्षतिग्रस्त पोल और तारों को दुरुस्त करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है तथा शुक्रवार देर शाम तक अधिकांश क्षेत्रों में बिजली बहाल करने का प्रयास है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान फिर तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।

मथुरा में आंधी-तूफान के बीच खंभा गिरने से श्रद्धालु की मौत 

मथुरा जिले के महावन क्षेत्र में आंधी-तूफान के बीच बिजली का खंभा गिर जाने से परिक्रमा कर रहे एक श्रद्धालु की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस क्षेत्राधिकारी श्वेता वर्मा ने शनिवार को बताया कि पलवल के दोघोट गांव निवासी शेर सिंह (57) अधिक मास में शुक्रवार को महावन के निकट ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा कर रहे थे, तभी रमण रेती स्थित श्री उदासीन कार्ष्णि आश्रम के निकट तेज आंधी के कारण उनके सिर पर खंभा गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने बताया कि शेर सिंह को वृंदावन के संयुक्त चिकित्सालय ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने नए उन्हें मृत घोषित कर दिया। वर्मा ने बताया कि सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजन को सौंप दिया गया। 

100 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चली तेज हवाएं 

बता दें कि लखनऊ, वाराणसी और प्रयागराज समेत 20 जिलों में 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलीं व भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने कहा कि एक जून से बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है और तीन तथा चार जून को उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रह सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य की राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 7.1 डिग्री कम है, जबकि न्यूनतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस रहा। बस्ती में 3.0 मिमी, गोरखपुर में 2.1 मिमी, आजमगढ़ में 0.8 मिमी और झांसी में हल्की बारिश दर्ज की गई। 

जून में कई जगहों पर बारिश के आसार 

1 जून को भी कई स्थानों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 2 जून से 4 जून तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम सामान्यतः शुष्क रहने की संभावना है तथा इस अवधि के लिए कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। 

हालांकि 5 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा मौसम संबंधी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है।आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय मोहपात्रा ने बयान में कहा, “देश के अधिकतर वर्षा आधारित कृषि क्षेत्रों वाले मानसून कोर जोन में दक्षिण-पश्चिम मानसून की मौसमी वर्षा सामान्य से कम (एलपीए के 94 प्रतिशत से कम) रहने की सबसे अधिक संभावना है।” दिल्ली में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो आठ मई के बाद सबसे कम है। आठ मई को अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इस बीच के दिनों में लंबे समय तक चली लू के कारण तापमान लगातार बढ़ता रहा और 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। 

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न इलाकों में पिछले 48 घंटों के दौरान तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई और कुछ केंद्रों पर तापमान नौ डिग्री सेल्सियस से अधिक नीचे आ गया। आईएमडी ने अनुमान जताया है कि 31 मई तक गरज के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। शनिवार के लिए मौसम विभाग ने न्यूनतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया है। 

बारिश के साथ आंधी को लेकर ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। हरियाणा और पंजाब में भी लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और अधिकतम तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे रहकर 30 डिग्री सेल्सियस के स्तर पर दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है। 

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