कोच्चि, 28 मई (आईएएनएस)। एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स (एएमएमए) इन दिनों विवादों में है। इस संगठन के अंदर अब खुलकर गुटबाजी, आरोप-प्रत्यारोप और आपसी टकराव देखने को मिल रहा है, जिसके चलते कई पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस पूरे विवाद ने इंडस्ट्री के अंदर हलचल मचा दी है और अब सभी की नजर अगले महीने होने वाली एएमएमए की जनरल बॉडी मीटिंग पर टिक गई है।
जानकारी के मुताबिक, पूर्व जॉइंट सेक्रेटरी अंसिबा हसन, जनरल सेक्रेटरी कुक्कू परमेश्वरन और एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्य टिनी टॉम और लक्ष्मी प्रिया को एग्जीक्यूटिव कमेटी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है।
संगठन इन सभी से विवाद और लगाए गए आरोपों को लेकर जवाब चाहता है। अंसिबा हसन को 1 जून से 3 जून के बीच पेश होने और अपने आरोपों के समर्थन में सबूत देने को कहा गया है। बता दें कि उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देते समय कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद मामला और ज्यादा गर्मा गया।
बताया जा रहा है कि एएमएमए के अंदर अब दो अलग-अलग गुट बन चुके हैं। संगठन की अध्यक्ष श्वेता मेनन और जनरल सेक्रेटरी कुक्कू परमेश्वरन अलग-अलग पक्षों का नेतृत्व कर रही हैं, जिससे संगठन का कामकाज भी प्रभावित हो रहा है।
कुछ वरिष्ठ सदस्य इस मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लगातार सामने आ रहे आरोपों ने विवाद को और गंभीर बना दिया है।
मलयालम सिनेमा के बड़े सितारे ममूटी और मोहनलाल भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। हालांकि दोनों कलाकारों ने अब तक सीधे तौर पर हस्तक्षेप नहीं किया है।
माना जा रहा है कि अगले महीने होने वाली जनरल बॉडी मीटिंग में मौजूदा कमेटी के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
इस विवाद को सबसे ज्यादा हवा तब मिली जब अंसिबा हसन ने अभिनेता टिनी टॉम पर गंभीर आरोप लगाए। अंसिबा का कहना है कि टिनी टॉम ने कई बार सार्वजनिक रूप से उनका अपमान किया और उन्हें ‘कट्टरपंथी’ और ‘जिहादी’ जैसे शब्द कहे गए।
अंसिबा अब इस मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं। इस मामले में अभिनेत्री नीना कुरुप समेत कुछ अन्य लोगों को गवाह बनाया जा सकता है। उन्होंने पहले टिनी टॉम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि एएमएमए के एक कार्यक्रम की रिहर्सल के दौरान उन्होंने सबके सामने उनका अपमान किया था, गाली-गलौज की थी। नीना ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की मांग की थी।
विवाद यहीं नहीं रुका। अंसिबा हसन ने पुलिस के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मुख्यमंत्री और डीजीपी को भेजी शिकायत में आरोप लगाया कि पुलिस स्टेशन में अभिनेत्री लक्ष्मी प्रिया की कथित झूठी शिकायत के आधार पर उनके साथ गलत व्यवहार किया गया। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि उनके आरोपों की जांच मौजूदा एग्जीक्यूटिव कमेटी के बजाय एक स्वतंत्र समिति करे।
उन्होंने जांच पैनल में रमेश पिशारोडी, माला पार्वती और ध्यान श्रीनिवासन जैसे नामों का सुझाव दिया है। लगातार बढ़ते विवाद, आपसी टकराव और कानूनी लड़ाई ने अब एएमएमए की छवि पर बड़ा असर डालना शुरू कर दिया है।
–आईएएनएस
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