वाशिंगटन, 25 मई (आईएएनएस)। कनाडा में भारत के उच्चायुक्त दिनेश के पटनायक ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि कनाडा ने भारत की सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है और अब वह खालिस्तान समर्थक तत्वों से जुड़े चरमपंथी और आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।
पटनायक ने कहा कि हाल के महीनों में भारत और कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग में काफी सुधार हुआ है, जिससे निज्जर विवाद की वजह से बिगड़े आपसी संबंधों में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को एक इंटरव्यू में बताया, “हर सेक्टर में खासकर सुरक्षा के मामलों में करीबी सहयोग है।”
पटनायक ने कहा, “पहले हम एक-दूसरे से बात करने से मना कर रहे थे। अभी हमारी रेगुलर बातचीत हो रही है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार आए और गए। उन्होंने बातचीत की है। एजेंसियां एक-दूसरे से बात कर रही हैं। पुलिस फोर्स बात कर रही हैं, जांच एजेंसियां बात कर रही हैं।”
उच्चायुक्त दिनेश के. पटनायक ने कहा, “हर कोई एक-दूसरे से बात कर रहा है, जानकारी साझा कर रहा है, और साथ में संयुक्त ऑपरेशन कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि दोनों देश एक-दूसरे के लिए सुरक्षित हैं, कनाडा भारत के लिए सुरक्षित है, और भारत कनाडा के लिए सुरक्षित है।”
पटनायक ने माना कि कनाडा में अभी भी उग्रवादी समूह मौजूद हैं, लेकिन कहा कि ओटावा अब इस मुद्दे को सिर्फ भारत की चिंताओं के नजरिए से नहीं देखता। उन्होंने कहा, “बेशक, कनाडा में एक छोटा सा तबका है, जो अभी भी मन ही मन चीजों को दबाने की कोशिश कर रहा है।”
भारतीय उच्चायुक्त ने कहा, “पिछले छह या सात महीने में हम जो कर पाए हैं और कनाडाई पक्ष, खासकर प्रधानमंत्री कार्नी की करीबी मदद की वजह से हमने उन्हें फिर से किनारे कर दिया है।”
दूत ने आरोप लगाया कि ऐसे कई नेटवर्क अब विचारधारा से ज्यादा संगठित अपराध से चल रहे हैं।
उन्होंने कहा, “वे इससे पैसा कमा रहे हैं। यह एक ऐसी चीज बन गई है, जो विचारधारा से ज्यादा आर्थिक गतिविधि है।”
इस दौरान पटनायक ने ‘बंदूक चलाना, ड्रग तस्करी, लोगों की तस्करी, जबरन वसूली’ और दूसरी आपराधिक गतिविधियों का जिक्र किया और कहा कि भारत को कनाडा की कानूनी और राजनीतिक रुकावटों, खासकर बोलने की आजादी की सुरक्षा के बारे में, की बेहतर समझ भी हो गई है।
उच्चायुक्त ने कहा, “भारतीय पक्ष को यह समझ है कि कनेडियाई असल में सिस्टमैटिकली या संस्थागत खालिस्तानी आंदोलन का समर्थन नहीं कर रहे थे। भारत में यह भावना थी कि शायद एस्टेब्लिशमेंट समर्थन कर रहा था, लेकिन मुझे लगता है कि हम समझ गए हैं कि यह समर्थन करने के बारे में नहीं है। वे इसे रोक नहीं पा रहे हैं क्योंकि उनकी अभिव्यक्ति की आजादी, सूचना की स्वतंत्रता बहुत मजबूत हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत ने लगातार कनाडा से शांतिपूर्ण विरोध और हिंसक उग्रवाद के बीच फर्क करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “हम उन्हें यही बता रहे हैं कि हमें विरोध की उतनी चिंता नहीं है जितनी उनके द्वारा की जा रही हिंसा, सड़कों पर लाई जा रही नफरत, उनके द्वारा किए जा रहे प्रोपेगेंडा की है।”
भारतीय उच्चायुक्त ने ऐसे समूहों पर भारत में आतंकवादी ऑपरेशन चलाने और जबरन वसूली में शामिल होने का भी आरोप लगाया। पिछले तनावों के बावजूद पटनायक ने कहा कि दोनों देशों के संबंध अब अच्छी जगह पर हैं।
भारतीय उच्चायुक्त ने कहा, “सरकारों के बीच पहले की दिक्कतें अब नहीं रहीं।”
राजदूत की यह बात केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के 25-27 मई तक कनाडा दौरे से पहले आई है, जिसमें उनके साथ देश का दौरा करने वाला अब तक का सबसे बड़ा भारतीय बिजनेस डेलिगेशन भी शामिल है।
–आईएएनएस
केके/डीकेपी
