प्रदेश सरकार ने स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। समग्र शिक्षा माध्यमिक शिक्षा विभाग और नेल्को लिमिटेड (टाटा एंटरप्राइज) के बीच प्रदेश के 600 राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में ड्रीम लैब्स स्थापित करने के लिए समझौता हुआ है। समझौते पर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा और महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए।अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि यह परियोजना युवाओं के भविष्य में निवेश है। बदलती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप छात्रों को इंडस्ट्री 4.0 आधारित कौशल सिखाए जाएंगे। विद्यार्थी पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल भी अर्जित करेंगे।
महानिदेशक मोनिका रानी ने कहा कि यह पहल रोजगारपरक शिक्षा और नवाचार को नई दिशा देगी। उन्होंने हब एवं स्पोक मॉडल के प्रभावी संचालन, मशीनरी स्थापना, प्रशिक्षकों की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति तथा परिणाम आधारित निगरानी पर विशेष बल दिया। उन्होंने विशेषकर आकांक्षी जनपदों में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।
अपर निदेशक (व्यावसायिक शिक्षा) सुरेन्द्र कुमार तिवारी तथा अपर राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कान्त पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।
कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण
ड्रीम लैब्स में विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, 3डी प्रिंटिंग, ड्रोन तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के तहत 75 जिलों के 150 हब और 450 स्पोक विद्यालयों को जोड़ा जाएगा।
पांच साल तक उद्योग समूह देगा तकनीकी सहयोग
पांच वर्षीय साझेदारी मॉडल के तहत नेल्को लिमिटेड आधुनिक मशीनरी, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सॉफ्टवेयर और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराएगा। उद्योग विशेषज्ञ छात्रों के साथ शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देंगे। सरकार का मानना है कि यह परियोजना प्रदेश में तकनीकी दक्ष और नवाचार आधारित युवा तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
