बांग्लादेश में खसरे का प्रकोप, वैक्सीन कमी पर यूनिसेफ की चेतावनी का खुलासा

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ढाका, 21 मई (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरा दिन पर दिन खतरनाक स्वरूप लेता जा रहा है। बढ़ते मामलों के बीच यूनिसेफ ने दावा किया कि उसने पहले ही देश की पूर्व अंतरिम सरकार को वैक्सीन की कमी को लेकर कई बार चेतावनी दी थी। संस्था के मुताबिक उसने स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ हुई बैठकों और खतों के जरिए वैक्सीन की कमी की जानकारी दी थी।

बांग्लादेश में यूनिसेफ की प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स ने ढाका में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि संस्था ने स्वास्थ्य मंत्रालय को इस मुद्दे पर 5–6 पत्र भेजे और लगभग 10 बैठकों में इस मुद्दे को उठाया था।

डेली स्टार ने उनके बयान को प्रकाशित किया है। राणा ने कहा कि 2024 से 2026 के बीच लगातार यह चेतावनी दी गई कि वैक्सीन की कमी के कारण बड़ा स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, यूनिसेफ ने यह भी कहा कि उनके उप कार्यकारी निदेशक टेड शायबान ने पिछले साल अगस्त में बांग्लादेश यात्रा के दौरान विदेश मंत्रालय के साथ बैठक में भी इस मुद्दे को उठाया था।

संस्था ने यह भी स्पष्ट किया कि वह खसरे के प्रकोप की जांच में सबूत और सहयोग प्रदान करेगी, जिसकी जांच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) सरकार द्वारा शुरू की गई है।

बांग्लादेश के स्वास्थ्य मंत्री सकावत हुसैन ने दावा किया कि मौजूदा सरकार को वैक्सीन की गंभीर कमी विरासत में मिली है, और जब तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला, तब स्टॉक में एक भी खुराक उपलब्ध नहीं थी।

रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में मार्च के बाद से अब तक 481 बच्चों की मौत खसरे या उसके जैसे लक्षणों से हो चुकी है, जबकि लगभग 66,000 मामलों की पुष्टि हुई या संक्रमण को लेकर आशंका जताई गई है।

यूनिसेफ ने कहा कि समस्या का एक बड़ा कारण वैक्सीन की खरीद प्रक्रिया में देरी भी रहा, क्योंकि सरकार ने खरीद प्रणाली में बदलाव किया था, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई।

–आईएएनएस

केआर/

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