विनेश फोगाट की याचिका पर हाईकोर्ट का डब्ल्यूएफआई को नोटिस, 6 जुलाई को अगली सुनवाई

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नई दिल्ली, 18 मई (आईएएनएस)। दिल्ली हाई कोर्ट से भारतीय रेसलर विनेश फोगाट को झटका लगा है। कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) की तरफ से अयोग्य घोषित किए जाने के खिलाफ दायर याचिका की सुनवाई करते हुए विनेश को आगामी एशियन गेम्स चयन ट्रायल्स में तुरंत शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

विनेश फोगाट को कथित अनुशासनहीनता और डोपिंग-रोधी नियमों के उल्लंघन के आरोपों के तहत नोटिस जारी किया गया था। इस मामले में कोर्ट ने डब्ल्यूएफआई को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

उल्लेखनीय है कि कोर्ट में अर्जी दाखिल कर विनेश फोगाट ने 30-31 मई को होने वाले एशियन गेम्स चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति मांगी थी। विनेश फोगाट ने अदालत से कहा था कि उन्हें ट्रायल में शामिल होने दिया जाए, क्योंकि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया है, लेकिन हाई कोर्ट ने कहा कि दूसरे पक्ष (डब्ल्यूएफआई) की बात सुने बिना कोई अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती है।

सोमवार को सुनवाई के दौरान न्यायाधीश पुरुषेंद्र कुमार ने कोई भी अंतरिम आदेश जारी करने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा है कि कुश्ती संघ का पक्ष सुने बिना ऐसा निर्देश नहीं दिया जा सकता है। हालांकि, विनेश फोगाट को डब्ल्यूएफआई की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस का विस्तृत जवाब दाखिल करने की अनुमति मिल गई है। अब इस मामले में कोर्ट दूसरे पक्ष की दलीलें सुनने के बाद ही आगे फैसला करेगा। 6 जुलाई को इस मामले पर अगली सुनवाई होगी।

भारतीय कुश्ती महासंघ द्वारा सीनियर नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोके जाने के बाद पिछले हफ्ते विनेश फोगाट ने अपनी योग्यता का बचाव किया था। विनेश ने कहा था कि इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (आईटीए) और वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) दोनों ने उन्हें 1 जनवरी 2026 से दोबारा प्रतियोगिताओं में लौटने की मंजूरी दे दी है।

पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता ने नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह से मुलाकात की। महासंघ ने दावा किया है कि वह टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकतीं, क्योंकि उनके खिलाफ वाडा के नियम 5.6.1 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई अभी भी चल रही है। यह नियम उन रिटायर हो चुके खिलाड़ियों पर लागू होता है, जो दोबारा प्रतियोगिताओं में लौटना चाहते हैं।

विनेश ने पत्रकारों से कहा था कि उन्होंने कभी भी एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन नहीं किया है, और उनसे सिर्फ एक बार अपनी ‘वेयरअबाउट्स’ (अपने ठिकाने की जानकारी) देने में लापरवाही हुई थी।

–आईएएनएस

आरएसजी/एबीएम

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