तेल अवीव/यरुशलम, 18 मई (आईएएनएस)। इजरायल में सोमालीलैंड के पहले राजदूत मोहम्मद हाजी का ऐतिहासिक समारोह में स्वागत किया गया। यरुशलम में राजदूत मोहम्मद हाजी ने राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग को अपने राजनयिक प्रमाण-पत्र सौंपते हुए कहा कि इजरायल और सोमालीलैंड के बीच संबंध “रणनीतिक” हैं।
राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, हाजी ने कहा, “हमने एक मजबूत संबंध बनाया है, जो रणनीतिक प्रकृति का है और विकास, राजनीतिक सहयोग, सुरक्षा सहयोग तथा लोगों के बीच संबंधों समेत कई क्षेत्रों में आगे का रास्ता खोलेगा।”
उन्होंने कहा कि सोमालीलैंड के लोग इजरायल के शुक्रगुजार हैं कि 1960 में वो उन कुछेक देशों में शामिल था जिसने सोमालीलैंड को मान्यता दी थी। हाजी ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता और संप्रभुता के 35 वर्षों बाद भी इजरायल ने फिर सबसे पहले सोमालीलैंड को मान्यता दी।
हाजी ने कहा, “हमारा रिश्ता केवल दो सरकारों के बीच नहीं, बल्कि इजरायल और सोमालीलैंड के लोगों के बीच भी है। सोमालीलैंड में कई जगहों पर लोग इजरायली झंडे लहराते दिखाई देते हैं, चाहे शहर हों या ग्रामीण इलाके।”
विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी हाजी से मुलाकात की। सार ने कहा कि उन्होंने सोमालीलैंड के स्वतंत्रता दिवस पर हाजी को बधाई दी। सार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं सोमालीलैंड के साथ संबंधों को और मजबूत करता रहूंगा।”
इसी साल 26 अप्रैल को इजरायली कैबिनेट ने माइकल लोटेम को सोमालीलैंड के लिए देश का पहला राजदूत नियुक्त करने को मंजूरी दी थी।
विदेश मंत्री गिदोन सार ने 15 अप्रैल को लोटेम के नाम की घोषणा की थी। सोमालीलैंड, 1991 में सोमालिया से अलग हुआ और उसने खुद को आजाद देश घोषित कर दिया था। इसे अब तक अधिकांश देशों ने मान्यता नहीं दी है।
कई मुस्लिम बहुल देशों-जिनमें सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र, बांग्लादेश, पाकिस्तान, और इंडोनेशिया जैसे देश शामिल हैं-ने भी संयुक्त बयान जारी कर इजरायल के इस कदम की निंदा की थी और इसे सोमालिया की संप्रभुता का “स्पष्ट उल्लंघन” बताया। उल्लेखनीय है कि इजरायल ने 26 दिसंबर 2025 को सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तब कहा था कि उनका देश कृषि, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी और अर्थव्यवस्था के क्षेत्रों में सोमालीलैंड के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना बना रहा है।
–आईएएनएस
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