यूपी में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल अगले सप्ताह पूरा हो रहा है। आरक्षण प्रक्रिया के कारण चुनाव आगे बढ़ेगा। चुनाव न होने तक पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने की हलचल है। उधर, ग्राम प्रधानों की तरफ से कार्यकाल बढ़ाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसी क्रम में सैकड़ों ग्राम प्रधान, राजधानी लखनऊ पहुंचकर धरने पर बैठ गए हैं।
सोमवार को हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के पास प्रधानों का धरना चल रहा था। उप-मुख्यमंत्री बृजेश पाठक प्रधानों के बीच पहुंच गए। भयंकर गर्मी थी। डिप्टी सीएम ने प्रधानों का हालचाल जाना। उनकी मांग सुनी। पानी पिलवाया और मिठाई खिलाई। आश्वस्त किया कि उनकी मांग पहुंचा दी जाएगी। सोमवार को ही यूपी कैबिनेट ने पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को मंजूरी दी है। दरअसल, पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया लागू होनी है। चूंकि अभी तक आयोग ही गठित नहीं हुआ था। अब प्रस्ताव को मंजूरी मिली है तो पिछड़ा वर्ग आयोग गठित होगा और छह महीने के अंदर यह अपनी रिपोर्ट देगा। उसी आधार पर पंचायतों में आरक्षण प्रक्रिया लागू होगी। हालांकि पंचायत चुनाव से जुड़ा मामला अभी कोर्ट में भी विचाराधीन है।
बहरहाल, प्रधान कार्यकाल बढ़ाने की मांग उठाए हैं। उधर, शासन स्तर पर पंचायतों में प्रशासक नियुक्त करने पर मंथन की बातें सामने आ रही हैं।
सनद रहे कि यूपी में 26 मई को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा हो रहा है। इसी के साथ जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायतों सदस्यों का भी कार्यकाल समाप्त हो रहा है। बीच में, यूपी के गांव-गांव त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही थीं। प्रत्याशी भी पूरी दमखम झोंकने लगे थे। लेकिन अभी पंचायत चुनाव टलने पर गांवों की सियासत फिर से शांत होने लगी है।
