वियतनाम: 'हो ची मिन्ह सिटी' को एशिया का प्रमुख स्मार्ट मेगा-हब बनाने की तैयारी, 100 साल का विजन तय


हनोई, 18 मई (आईएएनएस)। वियतनाम के दक्षिणी आर्थिक केंद्र हो ची मिन्ह सिटी ने वर्ष 2025-2050 के मास्टर प्लान की रूपरेखा को मंजूरी दे दी है। इस योजना का 100 वर्षों का विजन है, जिसके तहत शहर को एशिया-प्रशांत क्षेत्र का एक अग्रणी, सतत, नवोन्मेषी और रहने योग्य मेगा-सिटी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। स्थानीय मीडिया ने सोमवार को यह जानकारी दी।

नगर पीपुल्स कमेटी द्वारा स्वीकृत इस रूपरेखा के अनुसार, शहर ने 2025 से 2050 के बीच कम-से-कम 10 प्रतिशत वार्षिक सकल क्षेत्रीय घरेलू उत्पाद (जीआरडीपी) वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। अनुकूल परिस्थितियों में वर्ष 2050 तक शहर का कुल जीआरडीपी लगभग 1.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने स्थानीय मीडिया संस्थान ‘वीएनइकोनॉमी’ के हवाले से यह जानकारी दी।

इस योजना में हो ची मिन्ह सिटी को अर्थव्यवस्था, वित्त, व्यापार, सेवाओं, लॉजिस्टिक्स, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का प्रमुख क्षेत्रीय केंद्र बनाने की परिकल्पना की गई है। साथ ही, आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समानता और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।

योजना के तहत आधुनिक बुनियादी ढांचे, स्मार्ट प्रशासन और जलवायु परिवर्तन से निपटने की बेहतर क्षमता वाले बहु-केंद्रित मेगा-शहरी मॉडल का विकास किया जाएगा। इसके अलावा, नागरिकों की आय और जीवन स्तर को दक्षिण-पूर्व एशिया के सर्वोच्च स्तरों में शामिल करने का लक्ष्य भी रखा गया है।

यह रूपरेखा शहर के 6,700 वर्ग किलोमीटर से अधिक प्रशासनिक क्षेत्र को कवर करती है और भविष्य की आर्थिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भूमि पुनर्ग्रहण (लैंड रीक्लेमेशन) के लिए क्षेत्रों को भी सुरक्षित रखती है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2050 तक शहर की आबादी 2 से 2.2 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।

एक अन्य घटनाक्रम में, वियतनाम सरकार ने निवेश और विकास के लिए प्राथमिकता प्राप्त 70 उच्च प्रौद्योगिकियों (हाई टेक्नोलॉजीस) की सूची को मंजूरी दी है, जो 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी। वियतनाम टेलीविजन ने सोमवार को यह जानकारी दी।

प्राथमिकता प्राप्त उच्च प्रौद्योगिकियों की सूची में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), बिग डेटा और डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, एज कंप्यूटिंग, वितरित कंप्यूटिंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग तकनीकें शामिल हैं।

इसके अलावा, इसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), ब्लॉकचेन तकनीक, क्वांटम तकनीक, नवीकरणीय और स्वच्छ ऊर्जा तकनीक, उन्नत ऊर्जा भंडारण तकनीक तथा एआई-आधारित रियल-टाइम आपदा निगरानी, पूर्वानुमान और प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियां भी शामिल हैं।

सरकार ने 100 उच्च-प्रौद्योगिकी उत्पादों की एक सूची भी जारी की है, जिनके विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा। इस सूची में एआई और डेटा-आधारित सिस्टम, पहचान, विश्लेषण, पूर्वानुमान और नियंत्रण से जुड़े उपकरण एवं सॉफ्टवेयर, साथ ही एआई अनुसंधान, विकास और उपयोग को समर्थन देने वाले प्लेटफॉर्म शामिल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, सूची में मानव रहित हवाई वाहन (ड्रोन), पर्यावरण-अनुकूल नई ऊर्जा वाले वाहन, स्वास्थ्य और कृषि उपयोग के लिए बायो-फार्मास्युटिकल उत्पाद, अगली पीढ़ी के टीके, मेडिकल बायोलॉजिकल उत्पाद और डायग्नोस्टिक बायोलॉजिकल उत्पाद भी शामिल हैं।

–आईएएनएस

केआर/


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