नीट पेपर लीक की जांच महाराष्ट्र के नांदेड़ तक पहुंची, सीबीआई ने की ताबड़तोड़ छापेमारी


नांदेड़, 17 मई (आईएएनएस)। नीट पेपर लीक मामले की जांच अब महाराष्ट्र के नांदेड़ ज़िले तक पहुंच गई है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम ने कथित परीक्षा घोटाले पर अपनी बढ़ती कार्रवाई के तहत अचानक छापेमारी की।

अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी ने शनिवार को कदम परिवार के घर पर आठ घंटे से ज्यादा समय तक गहन तलाशी और सत्यापन अभियान चलाया। इस परिवार पर अपनी बेटी के लिए 5 लाख रुपये देकर लीक हुआ NEET परीक्षा का पेपर खरीदने का आरोप है।

खबरों के मुताबिक, सीबीआई टीम शुक्रवार को लातूर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़े एक ड्राइवर से पूछताछ करने के बाद सीधे नांदेड़ पहुंची। जांचकर्ता उस नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह पेपर लीक की साजिश में शामिल है।

अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई टीम ने शनिवार तड़के सुबह विद्युत नगर इलाके में अश्विनी भाऊराव कदम के फ्लैट पर छापा मारा। इस लंबी कार्रवाई के दौरान, अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों और अन्य चीजों की बारीकी से जांच की।

जांचकर्ताओं को शक है कि परिवार ने कथित तौर पर 5 लाख रुपये के बदले अपनी बेटी के लिए लीक हुआ नीट पेपर हासिल किया था। सूत्रों का दावा है कि नांदेड़ में परीक्षा की तैयारी के दौरान, छात्रा प्रैक्टिस टेस्ट और मूल्यांकन में सिर्फ 100 से 120 अंक ही ला रही थी। हालांकि, असली नीट परीक्षा में उसके अंक कथित तौर पर अचानक बढ़कर लगभग 560 हो गए, जिससे पेपर लीक रैकेट की जांच कर रहे अधिकारियों को शक हुआ।

इस मामले से जुड़े एक और बड़े घटनाक्रम में, सीबीआई की एक अलग टीम रविवार को नांदेड़ में आरोपी शुभम खैरनार से जुड़े एक दफ़्तर पहुंची और चल रही जांच के तहत तलाशी अभियान चलाया।

जांच ​​टीम ने विद्युत नगर इलाके में खैरनार परिवार के घर का भी दौरा किया और परिवार के कई सदस्यों से पेपर लीक नेटवर्क से उनके कथित संबंधों के बारे में पूछताछ की। अधिकारियों को शक है कि परिवार ने नीट परीक्षा का पेपर खरीदने के लिए बड़ी रकम चुकाई होगी।

नांदेड़ में यह नई तलाशी सीबीआई की नीट पेपर लीक मामले में देशव्यापी जांच के तेज होने के बीच हुई है। इस मामले ने तब भारी विवाद खड़ा कर दिया था, जब ये आरोप सामने आए थे कि परीक्षा से पहले ही पेपर के कई सवाल उम्मीदवारों तक पहुंचा दिए गए थे। जांचकर्ता अब वित्तीय लेनदेन, कोचिंग संस्थानों से संबंधों और कथित तौर पर कई जिलों तथा राज्यों में पेपर लीक कराने में मदद करने वाले बिचौलियों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।

–आईएएनएस

डीकेएम/पीएम


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