वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच प्रदेश सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई कार्ययोजना तैयार की है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बुधवार को पर्यटन निदेशालय में विभागीय अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर ‘विजिट माय स्टेट’ अभियान शुरू करने के निर्देश दिए।मंत्री ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में “आपदा में अवसर” की सोच के साथ पर्यटन क्षेत्र को नई संभावनाओं से जोड़ा जाएगा। उन्होंने ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के तहत घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने, डेस्टिनेशन वेडिंग को प्रोत्साहित करने और प्रदेश के धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों को नए पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।
बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेश के संग्रहालयों में अगले दो माह तक पर्यटकों को निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही वाराणसी, आगरा, मथुरा, लखनऊ, प्रयागराज, मिर्जापुर और अयोध्या जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों के लिए आकर्षक टूर पैकेज तैयार किए जाएंगे। इसके लिए टूर ऑपरेटर्स के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
राही पर्यटक आवासों में 25 फीसदी तक छूट
घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग द्वारा संचालित राही पर्यटक आवासों में 25 प्रतिशत तक की छूट देने पर भी जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि प्रदेशवासी विदेश यात्राओं के बजाय उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहरों का भ्रमण करें। गोशालाओं, प्राचीन मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़कर विशेष आध्यात्मिक पर्यटन पैकेज विकसित करने की भी तैयारी है। साथ ही रेस्टोरेंट एसोसिएशन से समन्वय कर पर्यटकों को भोजन और अन्य सेवाओं पर विशेष रियायत देने की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए।
डेस्टिनेशन वेडिंग पर फोकस
पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के हेरिटेज स्थल, किले, ईको टूरिज्म साइट्स और सांस्कृतिक परिसर डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए बेहद उपयुक्त हैं। उन्होंने मिर्जापुर के चुनार किला और लखनऊ की छतर मंजिल को जल्द तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शादी-विवाह और अन्य पारिवारिक आयोजनों के लिए प्रदेश के भीतर उपलब्ध विरासत स्थलों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिले।
