नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। इंग्लैंड के प्रतिभाशाली फुटबॉलर जूड बेलिंघम की गिनती दुनिया के बेहतरीन मिडफील्डर में होती है। ‘थ्री लायंस’ के लिए फीफा वर्ल्ड कप 2022 खेल चुके जूड 2020 और 2024 की यूईएफए यूरो चैंपियनशिप का हिस्सा रहे हैं।
स्टॉरब्रिज (यूनाइटेड किंगडम) में 29 जून 2003 को आयरिश और अंग्रेजी मूल के मार्क बेलिंघम और अफ्रीकी मूल की डेनिस के घर एक बच्चे का जन्म हुआ, जिसका नाम ‘जूड विक्टर विलियम बेलिंगहैम’ रखा गया। जूड के पिता मार्क एक अर्ध-पेशेवर फुटबॉलर थे। पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए जूड और उनके छोटे भाई जोबे ने फुटबॉल को चुना।
जूड ने प्रायर स्कूल से पढ़ाई की, जहां फुटबॉल का मैदान था। यहां उन्होंने अपनी स्किल्स को निखारा। जिनेदिन जिदान, वेन रूनी और स्टीवन जेरार्ड जैसे दिग्गज खिलाड़ियों को अपना आदर्श मानने वाले जूड ने पढ़ाई के साथ फुटबॉल खेलना जारी रखा और साल 2021 में लॉफबोरो कॉलेज से स्पोर्ट्स में बीटीईसी (बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी एजुकेशन काउंसिल) की डिग्री ली।
साल 2009 में बेलिंघम स्टॉरब्रिज जूनियर्स में शामिल हुए। अगले साल बर्मिंघम सिटी फुटबॉल क्लब की अंडर-8 टीम से जुड़े, जहां शानदार प्रदर्शन किया। महज 14 की साल की उम्र में बेलिंघम ने अंडर-18 टीम में जगह बना ली। 16 साल की उम्र से पहले ही वह अंडर-23 टीम में चुन लिए गए।
एमयू16 (इंग्लैंड अंडर-16) और एमयू17 टीमों के लिए खेलकर अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत करने वाले बेलिंघम ने इन टीमों की कप्तानी भी की, जिसके बाद बर्मिंघम सिटी के साथ शानदार प्रदर्शन करते हुए बोरुसिया डॉर्टमुंड में जाने का फैसला किया। साल 2020-21 सीजन की शुरुआत में वह एमयू21 टीम में शामिल हुए।
महज 16 साल 38 दिन की उम्र वह बर्मिंघम सिटी की ओर से खेलने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने। यह रिकॉर्ड अगस्त 2025 तक कायम रहा। अगस्त 2025 तक वह बर्मिंघम सिटी के सबसे युवा गोल स्कोरर भी रहे।
बर्मिंघम के लिए ईएफएल चैंपियनशिप में बेलिंघम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान खींचा। नवंबर 2019 के लिए उन्हें इंग्लिश फुटबॉल लीग का ‘यंग प्लेयर ऑफ द मंथ’ चुना गया। 2019-20 सीजन के अंत में बेलिंघम को ‘ईए स्पोर्ट्स यंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ और एलएफई (लीग फुटबॉल एजुकेशन) चैंपियनशिप अप्रेंटिस ऑफ द ईयर नामित किया गया।
यही वजह रही कि जुलाई 2020 में जर्मन क्लब बोरुरसिया डार्टमुंड ने उन्हें 25 मिलियन पाउंड में साइन कर लिया। 14 सितंबर 2020 को डीएफबी-पोकल नॉकआउट टूर्नामेंट में बर्मिंघम ने अपने पहले ही मैच में गोल दागा। इस टीम के लिए बर्मिंघम ने 132 मैच खेले, जिसमें 24 गोल और 25 असिस्ट किए। क्लब के साथ 2020-21 में जर्मन कप भी जीता।
जब बर्मिंघम ने मैनचेस्टर यूनाइटेड के बजाय डॉर्टमुंड को चुना, तो उनके पूर्व क्लब बर्मिंघम सिटी ने उनकी ’22 नंबर’ की जर्सी को रिटायर कर दिया।
12 नवंबर 2020 को महज 17 साल की उम्र में बेलिंघम ने आयरलैंड के खिलाफ एक मैत्रीपू्र्ण मैच के साथ अंतरराष्ट्रीय सीनियर टीम में डेब्यू किया। वह यूरो कप चैंपियनशिप 2020 के फाइनल में पहुंचने वाली टीम का हिस्सा भी रहे। साल 2022 में उन्हें इंग्लैंड के लिए फीफा वर्ल्ड कप खेलने का मौका भी मिला।
मिडफील्ड में आक्रमण और डिफेंस का शानदार संतुलन लाने वाले बर्मिंघम की गिनती इंग्लैंड टीम के सबसे अहम खिलाड़ियों में होती है, जिनकी पासिंग, ड्रिब्लिंग, गेम रीडिंग और नेतृत्व क्षमता टीम को मजबूती देती है। महज 22 वर्षीय जूड कम उम्र में भी बड़े मुकाबले में प्रभाव छोड़ने की काबिलियत रखते हैं, जो उन्हें इंग्लैंड का भरोसेमंद स्टार बनाती है।
–आईएएनएस
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