दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा पर महाभियोग की प्रक्रिया तेज, रिपोर्ट को अदालत में देंगे चुनौती


जोहान्सबर्ग, 12 मई (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने एक स्वतंत्र पैनल की रिपोर्ट को न्यायिक समीक्षा के लिए ले जाने के अपने इरादे की घोषणा की है। इस रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि उन्होंने शायद संविधान का उल्लंघन किया हो।

सोमवार रात देश को संबोधित करते हुए रामफोसा ने यह प्रतिक्रिया दी। इससे पहले पिछले शुक्रवार को संवैधानिक अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए संसद को उनके खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया था।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह लंबा कानूनी विवाद तथाकथित ‘फाला फाला’ घोटाले से जुड़ा है। इस मामले में फरवरी 2020 में उनके निजी फार्म से 5,80,000 अमेरिकी डॉलर नकद मिलने की बात सामने आई थी।

संसद की ओर से बनाई गई एक स्वतंत्र पैनल ने पहले अपनी रिपोर्ट में कहा था कि राष्ट्रपति ने संभवतः संविधान का उल्लंघन किया हो सकता है।

हालांकि रामफोसा लगातार कहते रहे हैं कि उन्होंने न तो सरकारी पैसा चुराया और न ही कोई अपराध किया। उन्होंने यह भी कहा कि वह सभी संबंधित संस्थाओं के साथ पूरा सहयोग करेंगे।

राष्ट्रीय संबोधन में उन्होंने कहा क‍ि मेरी कानूनी टीम की सलाह और संवैधानिक अदालत के निर्देश के आधार पर मैंने तय किया है कि मैं स्वतंत्र पैनल की रिपोर्ट की जल्द से जल्द न्यायिक समीक्षा करवाऊंगा।

उन्होंने आगे कहा क‍ि मैं यह कदम संसद या उसकी प्रक्रिया का अनादर करने के लिए नहीं उठा रहा हूं, बल्कि इसलिए कि ऐसे निष्कर्ष कानून और तथ्यों के अनुसार सही होने चाहिए।

राष्ट्रपति ने साफ किया कि वह पहले ही इस रिपोर्ट की समीक्षा करवाना चाहते थे, लेकिन संसद में बहुमत की ओर से उनके खिलाफ महाभियोग के प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद उन्होंने ऐसा नहीं किया। अब संवैधानिक अदालत ने उस फैसले को गलत बताया है और कहा है कि इस रिपोर्ट को महाभियोग समिति के पास भेजा जाना चाहिए।

विपक्षी दलों की ओर से इस्तीफे की मांग के बावजूद रामफोसा अपने फैसले पर कायम हैं। उनका कहना है कि अदालत ने सीधे तौर पर उन्हें दोषी नहीं ठहराया है, इसलिए अभी इस्तीफा देना संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले कदम उठाने जैसा होगा।

उन्होंने अपने संबोधन के अंत में कहा कि उनकी सरकार अपराध से लड़ने और सरकारी संस्थाओं को मजबूत करने का काम जारी रखेगी। संसद की स्पीकर थोको डिडिजा ने भी पुष्टि की है कि संसद अदालत के फैसले का पालन करेगी।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी


Related Articles

Latest News