भुवनेश्वर, 11 मई (आईएएनएस)। ओडिशा में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने के आरोपों को लेकर विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस ने सोमवार को राज्य सरकार पर निशाना साधा।
बीजेडी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य विपक्षी दल बीजेडी ने आरोप लगाया कि राज्य में हिंसा की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं।
पिछले 24 घंटों में हुई हिंसक घटनाओं का हवाला देते हुए पार्टी ने कहा कि ओडिशा में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और गृह विभाग की विफलता साफ उजागर हो चुकी है।
पार्टी प्रवक्ता और मीडिया समन्वयक डॉ. लेनिन महंती ने कहा कि सरकार राज्य में कानून का राज स्थापित करने में पूरी तरह विफल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘डबल इंजन सरकार’ की लापरवाही और उदासीनता के कारण पिछले एक सप्ताह में ढेंकानाल, हिंजिली, कानास, बालियंता और बालिपटना में कई गंभीर घटनाएं हुई हैं।
महंती ने कहा कि सरकार की निष्क्रियता के कारण पुलिस व्यवस्था कमजोर हो गई है, और कई थाने भाजपा के कार्यालयों की तरह काम कर रहे हैं।
बीजेडी छात्र इकाई की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के तहत 24 घंटे में पांच भयावह घटनाएं हुई हैं।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में ऐसी घटनाएं पहले कभी नहीं देखी गईं।
साहू ने दावा किया कि राज्य के पुलिस महानिदेशक वाई. बी. खुरानिया ने भी स्वीकार किया है कि आम लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था संभालने में पूरी तरह विफल रही है।
इधर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भुवनेश्वर-कटक पुलिस कमिश्नरेट मुख्यालय का घेराव किया और राज्य में बढ़ती हिंसा और अपराध की घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कांग्रेस ने 7 मई को रेलवे सुरक्षा बल (जीआरपी) के एक जवान की भीड़ द्वारा की गई हत्या का भी जिक्र किया।
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भक्त चरण दास ने आरोप लगाया कि राज्य में लगातार बढ़ रहे अपराधों के खिलाफ कांग्रेस संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार और मुख्यमंत्री इन गंभीर घटनाओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और पुलिस पर अपराधियों को बचाने के आरोप लग रहे हैं।
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि कई अपराधी भाजपा, आरएसएस और विहिप से जुड़कर माहौल बिगाड़ रहे हैं।
विपक्ष ने यह भी कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी खराब हो गई है कि राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी को भी ‘राज धर्म’ निभाने की चेतावनी देनी पड़ी है।
–आईएएनएस
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