गूगल भारत में एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, सर्वर और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाश रहा: अश्विनी वैष्णव

नई दिल्ली, 8 मई (केसरिया न्यूज़)। दिग्गज टेक कंपनी गूगल भारत में एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर, सर्वर और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्र में निवेश के अवसर तलाश रहा है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को दी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वैष्णव ने कहा,”गूगल भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्वर और ड्रोन के निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है।”

इस बैठक में गूगल के पब्लिक पॉलिसी के वाइस प्रेसिडेंट विल्सन एल व्हाइट भी शामिल हुए। यह खबर ऐसे समय पर आई है, जब गूगल अपनी एआई क्षमताओं और डेटा सेंटर में निवेश बढ़ा रहा है।

हाल ही में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कंपनी के इस वर्ष के कुल पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 185 अरब डॉलर करने का ऐलान किया है, जिसका मुख्य कारण एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर में आक्रामक निवेश है।

पिछले महीने गूगल क्लाउड नेक्स्ट 2026 शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, पिचाई ने कहा कि गूगल के मशीन लर्निंग कंप्यूटिंग संसाधनों का आधे से अधिक हिस्सा अब उसके क्लाउड व्यवसाय को आवंटित किया जाएगा।

गूगल ने आंध्र प्रदेश में 15 अरब डॉलर की एक विशाल निवेश योजना की घोषणा की है, जिसके तहत विशाखापत्तनम में ‘गीगावाट-स्तरीय एआई इकोसिस्टम’ का निर्माण किया जाएगा।

इस पहल के तहत, कंपनी ने अप्रैल में अदाणीकॉनेक्स और एयरटेल की नेएक्सट्रा के साथ साझेदारी में अपने इंडिया एआई हब प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया।

गूगल ने इस प्रोजेक्ट को “भारत के डिजिटल भविष्य में अब तक का सबसे बड़ा निवेश” बताया था। इस पहल में भारत का पहला गीगावाट-स्तरीय एआई हब शामिल है, जो तीन डेटा सेंटर परिसरों में फैला होगा और इसमें 1 गीगावाट का हाइपरस्केल एआई डेटा सेंटर भी होगा।

आंध्र प्रदेश सरकार ने इस महत्वाकांक्षी एआई अवसंरचना परियोजना के लिए तुरलुवाड़ा, रामबिल्ली और अदावीराम में लगभग 600 एकड़ भूमि आवंटित की है। 28 अप्रैल को भूमि पूजन समारोह में बोलते हुए वैष्णव ने कहा था कि मजबूत नीतिगत पहलों और बढ़ती तकनीकी क्षमताओं के समर्थन से भारत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और आपूर्ति श्रृंखलाओं में एक विश्वसनीय वैश्विक भागीदार बनने के लिए अच्छी स्थिति में है।

मंत्री ने गूगल सहित वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों से भारत में सर्वर, ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) और सेमीकंडक्टर चिप्स के स्थानीय उत्पादन को बढ़ाने का आग्रह किया, जो घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को मजबूत करने के लिए सरकार के प्रयासों को दिखाता है।

–केसरिया न्यूज़

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