मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के प्रथम चरण की औपचारिक शुरुआत की और कहा कि यह कवायद सिर्फ आबादी की गिनती भर नहीं बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का एक सशक्त आधार भी है। आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर आयोजित कार्यक्रम में ‘हमारी जनगणना, हमारा विकास’ के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य का शुभारंभ किया।
21 मई तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध
उन्होंने कहा कि आम जनता को इस माह सात मई से 21 मई तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक खुद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे जिसके बाद फील्ड कार्य के तहत जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरे चरण में हर व्यक्ति की गिनती की जाएगी और इस बार जनगणना में जातीय गणना को भी शामिल किए जाने के साथ-साथ पहली बार वन ग्रामों को भी जनगणना प्रक्रिया में सम्मिलित किया जा रहा है।
देश में पहली बार डिजिटल जनगणना
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना भर नहीं है बल्कि समग्र, समावेशी और सुनियोजित विकास का सशक्त आधार भी है। उन्होंने कहा कि जनगणना यह सुनिश्चित करने का माध्यम है कि विकास की धारा में समाज का अंतिम व्यक्ति भी समान रूप से सहभागी बन सके। आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है और इसके प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित कार्य होंगे।
उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य प्रदेश के 18 मंडलों, 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 17 नगर निगमों, 745 अन्य नगरीय निकायों, 21 छावनी परिषदों, 57,694 ग्राम पंचायतों तथा लगभग एक लाख चार हजार राजस्व ग्रामों में किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यापक कार्य के सफल संचालन के लिए लगभग 5.47 लाख कार्मिकों की तैनाती की जा रही है, जिनमें 4.50 लाख प्रगणक, 85 हजार सुपरवाइजर तथा 12 हजार राज्य एवं जनपद स्तरीय अधिकारी शामिल हैं। आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से जनगणना को राष्ट्रीय दायित्व मानते हुए सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया।
