बढ़ती लागत के बावजूद भी वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की वृद्धि दर मजबूत : फिक्की

नई दिल्ली, 6 मई (केसरिया न्यूज़)। बढ़ती लागत के बावजूद भी वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में भारत की मैन्युफैक्चरिंग वृद्धि दर मजबूत रहने की उम्मीद है। यह जानकारी बड़े और लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) पर किए गए फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के एक सर्वेक्षण में दी गई।

फिक्की के सर्वेक्षण में बताया गया कि उद्योग चौथी तिमाही में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में निरंतर वृद्धि के प्रति आशावादी बने हुए हैं।

सर्वेक्षण में वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में लगभग 93 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने उत्पादन में वृद्धि या समान स्तर दर्ज किया। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में यह आंकड़ा 91 प्रतिशत पर था।

घरेलू मांग में भी यह सकारात्मकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी, क्योंकि 89 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने पिछली तिमाही की तुलना में वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ऑर्डर में वृद्धि या समान वृद्धि की उम्मीद जताई।

यह सर्वेक्षण 69वां संस्करण है, जिसमें ऑटोमोटिव और ऑटो कंपोनेंट्स, पूंजीगत सामान, रसायन, उर्वरक और फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल, मशीन टूल्स, धातु और धातु उत्पाद, वस्त्र, परिधान और तकनीकी वस्त्र तथा विविध क्षेत्रों के आठ प्रमुख निर्माताओं के प्रदर्शन और बाजार की राय का आकलन जनवरी-मार्च 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए किया गया है।

इसमें बड़े और लघु एवं मध्यम उद्यम (एसएमई) दोनों ही क्षेत्रों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स से प्रतिक्रियाएं प्राप्त की गई हैं, जिनका कुल वार्षिक कारोबार 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक है।

सर्वेक्षण में बताया गया कि इस तिमाही में केवल क्षमता उपयोग में मामूली गिरावट देखने को मिली है, जो कि कम होकर 72 प्रतिशत पर आ गई है। इसकी वजह वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बने रहना है, जिसमें टैरिफ, व्यापार से जुड़ा बाधाएं, आर्थिक अस्थिरता शामिल हैं। इससे अलावा, कच्चे माल की कमी, नियामक चुनौतियों और श्रम की अनुपलब्धता के कारण परिचालन के मोर्चे पर चुनौतियां बनी हुआ है।

सर्वेक्षण के मुताबिक, क्षमता उपयोग ऑटोमोटिव और ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर में 75.7 प्रतिशत, कैपिटल गुड्स में 69 प्रतिशत, रसायन, उर्वरक और फार्मास्यूटिकल्स में 75 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल में 68 प्रतिशत, मशीन टूल्स में 70 प्रतिशत, धातु और धातु उत्पाद में 76 प्रतिशत, विविध में 65 प्रतिशत और वस्त्र, परिधान और तकनीकी वस्त्र में 76.4 प्रतिशत बना हुआ है।

वित्त वर्ष 26 में 80 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने निर्यात में वृद्धि या समान स्तर रिपोर्ट किया है, पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 74 प्रतिशत पर था। वहीं, 41 प्रतिशत कंपनियां वित्त वर्ष 26 में अतिरिक्त नियुक्तियां करने की योजना बना रही है। वहीं, पिछली तिमाही में यह आंकड़ा 38 प्रतिशत था।

–केसरिया न्यूज़

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