खरीफ की बुआई प्रभावित होने जलाशयों के स्तर में गिरावट अल नीनो और वैश्विक अस्थिरता पर आने वाले समय में महंगाई निर्भर करेगी। फिलहाल ब्याज दरें मौजूदा स्तर पर ही बने रहने की उम्मीद है अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ही दरों में कटौती हो सकती है। एफडी पर ब्याज और बढ़ने की गुंजाइश कम है इसलिए निवेशक चाहें तो इनमें पैसा लगा सकते हैं।
