प्रवीण खंडेलवाल बोले- पश्चिम बंगाल में बनेगी लोकप्रिय सरकार, सीएम पद छोड़ने से ममता के इनकार पर साधा निशाना


नई दिल्ली, 6 मई (आईएएनएस)। दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने हार के बाद ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का फासीवादी रूप अब न सिर्फ पश्चिम बंगाल के लोगों के सामने, बल्कि पूरे देश के सामने आ गया है। इसके साथ ही, खंडेलवाल ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब भाजपा की लोकप्रिय सरकार बनेगी।

भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “ये फासीवादी लोग हैं, जो संविधान का सम्मान नहीं करते। ममता बनर्जी का फासीवादी रूप अब न सिर्फ पश्चिम बंगाल के लोगों के सामने, बल्कि पूरे देश के सामने आ गया है।”

उन्होंने कल तक ये लोग संविधान की दुहाई देते थे। आज ममता बनर्जी और विपक्ष के नेता संविधान का मजाक उड़ाते हैं। खंडेलवाल ने आगे कहा, “लोकतंत्र की मांग है कि देश की ओर से दिए गए जनादेश का सम्मान किया जाए और इस मामले में डीएमके के स्टालिन और केरल के पिनाराई विजयन ने तुरंत इस्तीफा दे दिया। अब, यह कहना कि ‘मैं इस्तीफा नहीं दूंगी’, यह साफ करता है कि ये फासीवादी ताकतें हैं जो किसी भी तरह सत्ता से चिपके रहना चाहती हैं, लेकिन देश का लोकतंत्र इसकी इजाजत नहीं देता।”

प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, “हम सभी जानते हैं कि ममता बनर्जी राजनीतिक ड्रामे में शामिल रही हैं। पिछले 10-15 दिनों से वह जिस तरह का ड्रामा कर रही हैं, उसे पूरे देश ने देखा है। भारत कोई ‘बनाना रिपब्लिक’ नहीं है, जहां कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से फैसले ले सके। भारत का अपना एक संविधान और एक तय व्यवस्था है।”

वहीं, भाजपा प्रवक्ता सी.आर. केसवन ने ममता बनर्जी के इस्तीफे से इनकार किए जाने पर कहा, “ममता बनर्जी का दुर्भावनापूर्ण दुराचार और इस्तीफा देने से इनकार करते हुए उनका उग्र रवैया, लोकतांत्रिक सिद्धांतों के साथ एक विश्वासघात है। यह हमारे संवैधानिक मूल्यों पर सीधा हमला है।”

उन्होंने आगे कहा, “यह जनता के भरोसे और जनादेश का घोर उल्लंघन है। और सबसे बढ़कर ममता बनर्जी का यह दुराचार डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर का घोर अपमान है। ममता बनर्जी की ये अशोभनीय टिप्पणियां केवल उनकी तानाशाही मानसिकता को ही उजागर करती हैं, जिसने उनके 15 साल के अराजक कुशासन को परिभाषित किया था, और यही वह कारण है जिसके चलते पश्चिम बंगाल की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।”

–आईएएनएस

डीसीएच/


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