तिरुवनंतपुरम में 6 मई से होगी ब्रिक्स एम्प्लॉयमेंट वर्किंग ग्रुप की दो दिवसीय बैठक

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नई दिल्ली, 5 मई (आईएएनएस)। भारत की मौजूदा ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत श्रम और रोजगार पर दूसरा ब्रिक्स एम्प्लॉयमेंट वर्किंग ग्रुप (ईडब्‍ल्‍यूजी) का दो दिवसीय बैठक कार्यक्रम बुधवार से तिरुवनंतपुरम में शुरू होगा। यह जानकारी श्रम और रोजगार मंत्रालय ने मंगलवार को दी।

मंत्रालय ने बताया कि इस बैठक में ब्रिक्स देशों के वे प्रतिनिधि शामिल होंगे जो श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण से जुड़े मामलों को देखते हैं। इनमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, सऊदी अरब, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि यह दूसरी ईडब्‍ल्‍यूजी बैठक एक महत्वपूर्ण आमने-सामने (इन-पर्सन) मंच होगी, जहां पहली बैठक में हुई चर्चाओं को आगे बढ़ाया जाएगा और भारत की अध्यक्षता के तहत तय की गई प्राथमिकताओं और लक्ष्यों पर सभी देशों के बीच बेहतर समझ बनाने की कोशिश की जाएगी।

मंत्रालय के अनुसार, पहली रोजगार कार्य समूह की बैठक मार्च में वर्चुअल (ऑनलाइन) तरीके से हुई थी। पहली बैठक में चार मुख्य मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा शुरू हुई थी।

इस चर्चा में शाम‍िल मुद्दों में सोशल सिक्योरिटी को आगे बढ़ाना और लेबर मार्केट को फॉर्मल बनाना, वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी और उन्हें शामिल करना, एम्प्लॉयबिलिटी, स्किल मैपिंग और डेवलपमेंट पर सहयोग, और गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर समेत सभी वर्कर के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी का फायदा उठाना है।

दूसरी बैठक में इन मुद्दों को आगे बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जाएगा, खासकर सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और कामकाजी बाजार को जल्दी औपचारिक बनाने पर चर्चा होगी। इसके अलावा रोजगार क्षमता और कौशल विकास पर भी सहयोग को लेकर बात होगी।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि इस बैठक में कुछ बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों के ज्ञान साझेदार भी शामिल होंगे, जैसे अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ), अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए), और संयुक्त राष्ट्र का रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर ऑफिस। ये संगठन अपने अनुभव के आधार पर तकनीकी सुझाव देंगे और वैश्विक दृष्टिकोण साझा करेंगे, जिससे रोजगार, श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और भविष्य के काम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और बेहतर हो सकेगी।

मंत्रालय ने कहा कि ब्रिक्स देशों और इन ज्ञान साझेदारों की सक्रिय भागीदारी से उम्मीद है कि श्रम, रोजगार और श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में ठोस, आगे की सोच वाले और सभी के लिए फायदेमंद नतीजे सामने आएंगे।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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