‘पाकिस्तान में प्रेस की आजादी घटी, पीईसीए कानून से पत्रकारों पर दबाव: रिपोर्ट


इस्लामाबाद, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान में पिछले एक साल के दौरान अभिव्यक्ति की आजादी के लिए जगह कम हुई है। फ्रीडम नेटवर्क की रिपोर्ट में कहा गया है कि कानूनी, नियामक और आर्थिक दबावों के कारण मीडिया पर असर पड़ा है।

‘रेगुलेटरी रिप्रेशन ऑफ फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का नियमों के तहत दमन)-लीगल कंट्रोल्स एंड पीईसीए अंडरमाइन मीडिया एंड जर्नलिज्म इन पाकिस्तान’ शीर्षक वाली रिपोर्ट के अनुसार, संशोधित प्रिवेंशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक क्राइम्स एक्ट (पीईसीए) कानून पत्रकारों और अभिव्यक्ति की आजादी को सीमित करने का प्रमुख माध्यम बन गया है।

रिपोर्ट बताती है कि 2025-26 के दौरान इस कानून का इस्तेमाल वैध अभिव्यक्ति को अपराध बनाने, असहमति दबाने और पत्रकारों, वकीलों व राजनीतिक टिप्पणीकारों को डराने के लिए किया गया। यह रिपोर्ट 3 मई को मनाए जाने वाले वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे से पहले जारी की गई।

फ्रीडम नेटवर्क के कार्यकारी निदेशक इकबाल खटक ने कहा कि पीईसीए का “हथियार की तरह इस्तेमाल” ऐसा माहौल बना रहा है, जिसमें पत्रकार कानूनी कार्रवाई के डर से खुद सेंसरशिप करने को मजबूर हैं।

मानवाधिकार वकीलों इमान माजरी और हादी अली चत्था के मामलों का जिक्र करते हुए इसमें आगे कहा गया कि “हिरासत और सजा का इस्तेमाल असहमति को दबाने” के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा, कई पत्रकारों पर पीईसीए के तहत मामले दर्ज हुए, जबकि मानहानि केस, लाइसेंस निलंबन और इंटरनेट बंदी ने स्वतंत्र पत्रकारिता को और प्रभावित किया।

अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच पत्रकारों के खिलाफ कम से कम 129 उल्लंघन के मामले सामने आए। इनमें दो हत्याएं, हत्या की धमकी के पांच मामले, 58 कानूनी मामले (ज्यादातर पीईसीए के तहत), 16 हमले, 11 धमकियां और अपहरण व जबरन गायब करने के दो मामले शामिल हैं।

रिपोर्ट में कहा गया कि पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा पत्रकारों के लिए सबसे खतरनाक क्षेत्र रहे, जबकि सिंध और बलूचिस्तान में हत्याओं ने जोखिम को और उजागर किया। 60 प्रतिशत से अधिक मामलों में सरकारी एजेंसियों की भूमिका संदिग्ध बताई गई है।

महिला पत्रकारों की चुनौतियों का भी इसमें जिक्र है। लिखा गया है कि महिलाओं को विशेष रूप से चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन उत्पीड़न, भेदभाव, डीपफेक और हिरासत जैसी घटनाएं उनके लिए माहौल को और कठिन बना रही हैं।

–आईएएनएस

केआर/


Related Articles

Latest News