पटना: बिहार में जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट आने के बाद बड़ी राजनीतिक गतिरोध शुरू हो गयी है। कई दलों ने आंकड़ों पर आपत्ति जताई है, लेकिन उनके मन में अपनी जाति-समुदाय के आंकड़ों के साथ खुशी भी है। जिन लोगों ने संदेह जताया है, उन्हें तेजस्वी यादव ने सलाह दी है कि वे बीजेपी से दोबारा सर्वेक्षण करवाएं, क्योंकि आपत्ति जताने वाले ज्यादातर एनडीए के ही नेता हैं। इसके अलावा, बिहार के पूर्व सीएम और महागठबंधन से बाहर होकर कुछ ही महीने पहले एनडीए का हिस्सा बने जीतन राम मांझी के बारे में भी चौंकाने वाली खबरें हैं। अगर नीतीश कुमार का प्लान ‘जे’ यानी जीतन राम मांझी के बारे में सही है, तो मांझी महागठबंधन का हिस्सा बनने की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे कोई आश्चर्य नहीं होगा।
