इक्वाडोर की विदेश मंत्री तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंची, द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर होगी चर्चा

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नई दिल्ली, 29 अप्रैल (आईएएनएस)। इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड बुधवार को अपने तीन दिन के भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचीं। विदेश मंत्री सोमरफेल्ड के भारत दौरे का मकसद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विदेश मंत्रालय ने लिखा, “इक्वाडोर की विदेश मंत्री और ह्यूमन मोबिलिटी मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो का नई दिल्ली आने पर हार्दिक स्वागत है। उनके दौरे से भारत और इक्वाडोर के बीच संबंध और मजबूत होंगे।”

सोमरफेल्ड इक्वाडोर की ह्यूमन मोबिलिटी मंत्री भी हैं। वह दिन में बाद में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ बातचीत करेंगी।

इसके बाद उनका राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम है और फिर वह शाम को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा से मुलाकात करेंगी।

पिछले नवंबर में, मार्गेरिटा एक आधिकारिक दौरे पर इक्वाडोर गए थे और वहां के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ अजिन से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने और उसमें विविधता लाने पर उनके साथ चर्चा की।

अपनी यात्रा के दौरान, एमओएस मार्गेरिटा ने इक्वाडोर के मंत्रियों, उपमंत्रियों और अधिकारियों के साथ भारत और दक्षिण अमेरिकी देश के बीच खेती, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर सिक्योरिटी, ट्रेनिंग, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, व्यापार, टेक्सटाइल, स्वास्थ्य और फार्मास्यूटिकल्स जैसे खास क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने के लिए भी चर्चा की।

एमओएस ने सोमरफेल्ड के साथ भी एक मीटिंग की, जिसके दौरान दोनों मंत्रियों ने भारत और इक्वाडोर के डिप्लोमैटिक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूशन्स के बीच कोऑपरेशन पर एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे।

मार्गेरिटा और सोमरफेल्ड ने मिलकर क्विटो में भारत की रेजिडेंट एम्बेसी का उद्घाटन किया, जिससे इक्वाडोर के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने के भारत के कमिटमेंट पर जोर दिया गया।

दिसंबर में, एमओएस मार्गेरिटा ने नई दिल्ली में भारत में इक्वाडोर के राजदूत फर्नांडो बुचेली वर्गास के साथ मीटिंग की, जिसमें इस बात पर चर्चा हुई कि दोनों देश कैसे अपने संबंधों को मजबूत कर सकते हैं और कॉमन इंटरेस्ट के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकते हैं।

भारत और इक्वाडोर ने 1969 में डिप्लोमैटिक संबंध बनाए। दोनों देशों ने 2000 में विदेश कार्यालय परामर्श के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक दोनों देशों के बीच 2005, 2008, 2011, 2014 और 2023 में विदेश कार्यालय परामर्श के पांच राउंड हो चुके हैं।

–आईएएनएस

केके/पीएम

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