लखनऊ यूनिवर्सिटी में फीस वृद्धि के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन कई दिनों से जारी है। सोमवार को एक बार फिर छात्र संगठन NSUI और समाजवादी छात्रसभा से जुड़े छात्रों ने कैंपस में प्रदर्शन किया। इस बार उन्होंने कटोरा और प्लेट लेकर भीख मांगी।भीख में मिले सिक्कों को प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सौंप दिया। हालांकि, सिक्के सौंपते समय उनकी बोर्ड सदस्यों से नोकझोंक भी हुई। इससे पहले SFI ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए फीस वृद्धि वापस लेने की बात कही थी।NSUI और समाजवादी छात्रसभा से जुड़े छात्रों के गुट ने दोपहर 2 बजे अचानक गेट नंबर-1 के पास रास्ता रोककर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान वो कटोरा लेकर भीख मांगने लगे।
अचानक से स्टूडेंट्स को भीख मांगते हुए देख बाकी स्टूडेंट्स हैरान रह गए। इस बीच लखनऊ विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी हुई।
नारेबाजी बढ़ती देख मौके पर विश्वविद्यालय प्रशासन से जुड़े लोग भी पहुंचे। प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने जब भीख मांग रहे स्टूडेंट्स को रोकना चाहा, तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा। जितने भी सिक्के प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स को मिले थे, उन्हें प्रॉक्टोरियल बोर्ड को सौंप दिया। प्रॉक्टोरियल बोर्ड से नोकझोंक के बाद स्टूडेंट्स गेट के बीचोंबीच धरने पर बैठ गए।
पानी दूषित आने का आरोप लगाया
स्टूडेंट्स ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि लाखों रुपए की फीस लेने के बावजूद छात्रों को दूषित पानी दिया जा रहा है। स्टूडेंट्स ने दावा किया कि कैंपस में पीने के पानी का TDS स्तर 702 पाया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
