हॉकी इंडिया ने ओलंपिक मेडलिस्ट गुरबख्श सिंह ग्रेवाल के निधन पर जताया शोक


नई दिल्ली, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्व भारतीय ओलंपियन गुरबख्श सिंह ग्रेवाल के निधन पर हॉकी इंडिया ने शनिवार को शोक व्यक्त किया। गुरबख्श सिंह का 84 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। हॉकी इंडिया ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को संवारने के प्रति उनके समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।

मैक्सिको सिटी ओलंपिक 1968 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाने वाली टीम के सदस्य रहे गुरबख्श सिंह ग्रेवाल एक खिलाड़ी, मार्गदर्शक और प्रशासक के तौर पर अपने पीछे एक समृद्ध विरासत छोड़ गए हैं।

अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने कहा, “भारतीय हॉकी जगत गुरबख्श सिंह ग्रेवाल जी के निधन से गहरे सदमे में है। वह भारत की ओलंपिक पदक विजेता टीम के एक सम्मानित सदस्य और खेल के सच्चे सेवक थे, जिनका योगदान मैदान तक ही सीमित नहीं था, बल्कि उससे कहीं आगे तक फैला हुआ था। हॉकी के प्रति उनके जुनून और आने वाली पीढ़ियों को संवारने के प्रति उनके समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। हॉकी इंडिया की ओर से, मैं दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।”

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा, “आज हमने भारतीय हॉकी परिवार के एक सम्मानित सदस्य को खो दिया है। एक खिलाड़ी के तौर पर गुरबख्श सिंह ग्रेवाल जी की उपलब्धियों और एक प्रशासक के तौर पर उनके योगदान ने भारतीय हॉकी पर एक गहरा और स्थायी प्रभाव छोड़ा है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी। इस मुश्किल समय में हम उनके परिवार के लिए शक्ति और शांति की प्रार्थना करते हैं।”

अपने दौर के तेज-तर्रार फॉरवर्ड रहे गुरबख्श सिंह ग्रेवाल 1968 के ओलंपिक में अपने भाई बलबीर सिंह ग्रेवाल के साथ भारतीय दल का हिस्सा थे। भारतीय हॉकी के इतिहास में यह पहली बार था जब दो सगे भाइयों ने एक ही ओलंपिक खेलों में एक साथ देश का प्रतिनिधित्व किया।

1 अप्रैल 1942 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत (अब पाकिस्तान में) के लायलपुर में जन्मे गुरबख्श सिंह ग्रेवाल हॉकी में अपना करियर बनाने के लिए करीब 20 साल की उम्र में मुंबई चले गए थे, जहां उन्होंने वेस्टर्न रेलवे का प्रतिनिधित्व किया और मैदान के अंदर और बाहर, दोनों जगह एक शानदार करियर बनाया।

वेस्टर्न रेलवे में स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद से रिटायर होने के बाद भी गुरबख्श सिंह ग्रेवाल खेल के विकास में पूरी तरह से सक्रिय रहे। उन्होंने कई वर्षों तक मुंबई की कई टीमों को कोचिंग दी और बाद में मुंबई हॉकी एसोसिएशन के मानद सचिव के रूप में भी कार्य किया।

–आईएएनएस

आरएसजी


Related Articles

Latest News