पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में शांतिपूर्ण रहा मतदान, एक भी बूथ पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं


नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए मतदान को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। चुनाव आयोग के अनुसार दोनों राज्यों में किसी भी मतदान केंद्र पर पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई है, जिससे मतदान प्रक्रिया के शांतिपूर्ण और निष्पक्ष रहने का संकेत मिलता है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एक ही चरण में 23 अप्रैल को हुए मतदान में मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। राज्य के कुल 75,064 मतदान केंद्रों पर कहीं भी पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं की गई है। राज्य में कुल 234 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले गए थे, जहां 5.7 करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत थे। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, यहां 85.15 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

तमिलनाडु में एमडीएम और एआईएडीएमके के बीच मुख्य मुकाबला है। वहीं, अन्य दलों में तमिलर काची (एनटीके) और तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) भी शामिल हैं। 4 मई को घोषित होने वाले चुनाव परिणाम यह तय करेंगे कि क्या द्रविड़ राजनीति का यह गढ़ डीएमके के कब्जे में ही रहेगा या फिर टीवीके और एनटीके जैसी नई राजनीतिक ताकतों के उभार के चलते इसमें कोई बदलाव देखने को मिलेगा।

इसी तरह, पश्चिम बंगाल में संपन्न पहले चरण के मतदान में भी मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। राज्य के 44,376 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ और किसी भी केंद्र से पुनर्मतदान की सिफारिश नहीं आई। पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें करीब 3.6 करोड़ मतदाता शामिल थे। यहां 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया।

पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 16 जिलों की 152 सीटों पर मतदान हुआ। इनमें उत्तर बंगाल के कूच बिहार, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर और मालदा शामिल रहे। इसके अलावा, दक्षिण बंगाल के मुर्शिदाबाद, पूर्वी मिदनापुर, पश्चिमी मिदनापुर, झारग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा, पश्चिम बर्दवान और बीरभूम जिलों में भी मतदान संपन्न हुआ। पश्चिम बंगाल में अब शेष 142 विधानसभा सीटों के लिए दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा।

–आईएएनएस

पीएसके/वीसी


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