मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश खेल और खिलाड़ियों के विकास के लिए नए मानक स्थापित कर रहा है। प्रदेश को जल्द ही 5 नए भव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम मिलने जा रहे हैं, जो क्षेत्रीय स्तर पर उभरती प्रतिभाओं के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। सरकार का स्पष्ट विजन है कि खिलाड़ियों को अब सुविधाओं के लिए महानगरों का रुख न करना पड़े, बल्कि उन्हें उनके अपने ही जनपद में विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंगे खेल परिसर
योगी सरकार का यह प्रयास केवल चारदीवारी और मैदान तक सीमित नहीं है। खेल विभाग के माध्यम से इन स्टेडियमों में मल्टीपर्पज हॉल, स्विमिंग पूल, बैडमिंटन-टेनिस कोर्ट और एथलेटिक्स ट्रैक जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। सरकार का मानना है कि जब खिलाड़ियों को जिम, हॉकी-फुटबॉल के मैदान और पेशेवर प्रशिक्षण के संसाधन अपने करीब मिलेंगे, तभी वे राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तर प्रदेश का गौरव बढ़ा सकेंगे।
स्थानीय प्रतिभाओं के लिए खुलेगा अवसरों का द्वार
यूपी के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह के अनुसार, ये परियोजनाएं प्रदेश के खेल अवसंरचना को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की निरंतर सक्रियता का परिणाम हैं। वर्ष 2025-26 में स्वीकृत हुए ये चार नए स्टेडियम (गाजीपुर को छोड़कर) जब बनकर तैयार होंगे, तब उत्तर प्रदेश खेल जगत में एक नई शक्ति बनकर उभरेगा। इन आधुनिक सुविधाओं के दम पर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों से निकलने वाले खिलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पोडियम फिनिश की तैयारी कर सकेंगे।
