प्रदेश में जनगणना प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 7 मई से स्वगणना की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 22 मई से घर-घर जाकर जनगणना का कार्य कराया जाएगा। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए प्रदेश भर में करीब 5 लाख प्रगणकों की तैनाती की जाएगी, जिनमें बड़ी संख्या शिक्षकों की होगी।इसी बीच विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन ने कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों को जनगणना ड्यूटी से छूट देने की मांग उठाई है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संतोष तिवारी और महासचिव दिलीप चौहान ने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और शिक्षक हमेशा इसे जिम्मेदारी से निभाते रहे हैं, लेकिन विशेष परिस्थितियों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने मांग की है कि मेडिकल अवकाश पर चल रहे कर्मचारियों, दिव्यांगजनों, गर्भवती महिलाओं और ऐसे दंपति, जिनमें दोनों सरकारी सेवा में हैं, उनमें से एक को ड्यूटी से छूट दी जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि बीमार कर्मचारियों से कार्य लेना अमानवीय है, वहीं गर्भवती महिलाओं के लिए यह कार्य स्वास्थ्य के लिहाज से जोखिमपूर्ण हो सकता है। दिव्यांग कर्मचारियों को भी राहत दी जानी चाहिए। इसके अलावा पति-पत्नी दोनों की ड्यूटी लगने से परिवार की देखभाल प्रभावित होती है। संगठन ने मुख्यमंत्री से इन श्रेणियों के कर्मचारियों को छूट देने संबंधी स्पष्ट आदेश जारी करने की मांग की है, ताकि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का भी संतुलन बना रहे।
